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'अब समझौता नहीं, जंग से होगा फैसला', ट्रंप के निशाने पर मोजतबा खामेनेई? ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी बम

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता टूटने के बाद तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अब समाधान बातचीत नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में होगा.

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Edited By: Shanu Sharma
'अब समझौता नहीं, जंग से होगा फैसला', ट्रंप के निशाने पर मोजतबा खामेनेई? ईरान पर फिर बरसे अमेरिकी बम
Courtesy: AI

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO समिट में इसका ऐलान कर दिया. इस ऐलान के बाद चल रहा युद्ध अब और भी ज्यादा भयावह हो चुका है.

ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किए गए हमले के बाद अमेरिका ने लगभग 170 ठिकानों को निशाना बनाया, इन सभी ठिकानों पर ताबड़तोड़ बमबारी की गई. राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया कि अब इस विवाद का समाधान बातचीत की मेज पर नहीं, बल्कि युद्ध के मैदान में होगा. ऐसे में यह सवाल उठता है कि अब अमेरिका आगे क्या करने की योजना में है?

निशाने पर मोजतबा खामेनेई?

अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को मौत हो गई थी. जिसके चार महीने बाद 9 जुलाई को उनका अंतिम संस्कार किया गया. यहां से स्थिति सामान्य होनी शुरू ही हुई थी, तभी ईरान ने होर्मुज में तीन जहाजों पर हमला कर दिया. जिसके बाद अमेरिका ने बातचीत से हाथ पीछे खींच लिया और ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए. अमेरिका ने जब इस जंग की शुरुआत में ही सुप्रीम लीडर को खत्म कर दिया था, क्योंकि उन्हें पता था कि जब तक अयातुल्ला अली खामेनेई जिंदा रहते, ईरान मजबूती से जंग लड़ता रहता. इसी वजह से अमेरिका और इजरायल ने मिलकर उन पर हमला किया. 

अमेरिकी रणनीति के मुताबिक अयातुल्ला की मौत के बाद ईरान को नुकसान भी हुआ, लेकिन उसके बाद मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया गया. अब मोजतबा के नेतृत्व में ईरान कोई भी ऐसा समझौता करने के लिए तैयार नहीं है, जिसमें उन्हें अपने परमाणु कार्यक्रम से दूर जाना पड़े. कहा जा रहा है कि इस समस्या के समाधान के लिए अब अमेरिका मोजतबा को निशाने पर रख लिया है क्योंकि ईरान की पूरी कमान अभी के लिए मोजतबा खामेनेई के हाथों में है.

अमेरिका और ईरान में बढ़ा तनाव

मिली जानकारी के मुताबिक 24 घंटे के अंदर 170 ठिकानों पर हवाई हमले किए गए. अमेरिका की ओर से इन हमलों का वीडियो भी जारी किया गया है. साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने भी जंग का ऐलान कर दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो हमसे समझौता करने के लिए बेताब हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि वे उसके लायक हैं भी या नहीं. मुझे नहीं पता कि वे इन शर्तों का पालन कर पाएंगे या नहीं. मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, तेल और गैस भंडार, परिवहन नेटवर्क और परमाणु केंद्रों को निशाना बनाया है.

अमेरिका कुछ दिनों पहले तक जिसके साथ समझौता करने के लिए बातचीत कर रहा था, अब उस पर निर्दय तरीके से हमले कर रहा है. अमेरिका मुख्य रूप से उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, ताकि ईरान को भारी आर्थिक क्षति पहुंच सके. ईरानी मीडिया ने भी अमेरिका द्वारा किए जा रहे हमले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 48 घंटों में किए गए हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई. वहीं अमेरिका का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से मुक्त कराने पर जोर दे रहे हैं. अगर ईरान ने फिर से कोई हमला किया तो अमेरिका कई हफ्तों तक हवाई हमले करेगा.