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एक बार इन 5 रोपवे पर बैठ गए तो भूल नहीं पाएंगे सफर, ऊपर से दिखेंगे दिल जीत लेने वाले नजारे

अगर आप घूमने के साथ रोमांच का भी आनंद लेना चाहते हैं, तो भारत के मशहूर रोपवे आपकी यात्रा को यादगार बना सकते हैं. जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग से लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग तक कई ऐसे रोपवे हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
एक बार इन 5 रोपवे पर बैठ गए तो भूल नहीं पाएंगे सफर, ऊपर से दिखेंगे दिल जीत लेने वाले नजारे
Courtesy: ChatGpt

घूमने के शौकीन लोग हमेशा ऐसी जगहों की तलाश में रहते हैं, जहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ कुछ अलग अनुभव भी मिल सके. ऐसे यात्रियों के लिए रोपवे की सवारी बेहतरीन विकल्प बन सकती है. ऊंचाई से पहाड़ों, घाटियों और जंगलों को देखने का अनुभव सामान्य यात्रा से बिल्कुल अलग होता है. यही वजह है कि देश के कई पर्यटन स्थलों पर रोपवे पर्यटकों की पहली पसंद बन चुके हैं.

रोपवे केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं है, बल्कि यह पूरी यात्रा को रोमांच से भर देता है. केबल कार में बैठकर दूर-दूर तक फैले प्राकृतिक नजारों को देखना हर उम्र के लोगों के लिए यादगार अनुभव बन जाता है. भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध रोपवे हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं.

बर्फीली वादियों का नजारा दिखाता है गुलमर्ग गोंडोला

जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में स्थित गुलमर्ग गोंडोला दुनिया के ऊंचे और लोकप्रिय रोपवे में गिना जाता है. यह दो चरणों में पर्यटकों को ऊंचाई तक पहुंचाता है. यहां से अफरवात पीक और चारों ओर फैली हिमालय की बर्फीली चोटियों का आकर्षक दृश्य देखने को मिलता है. प्राकृतिक सुंदरता और रोमांच का यह संगम पर्यटकों को खास अनुभव देता है.

औली और मसूरी के रोपवे भी हैं खास आकर्षण

उत्तराखंड का औली रोपवे जोशीमठ और औली को जोड़ता है तथा देश के लंबे रोपवे में शामिल है. सफर के दौरान नंदा देवी सहित कई हिमालयी चोटियां दिखाई देती हैं. वहीं मसूरी का गन हिल रोपवे कुछ ही मिनटों में पर्यटकों को व्यू पॉइंट तक पहुंचाता है, जहां से दून घाटी और पहाड़ियों का सुंदर नजारा देखने को मिलता है.

गिरनार और दार्जिलिंग में मिलता है अलग अनुभव

गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार रोपवे एशिया के लंबे रोपवे में गिना जाता है. यह श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पर्वत तक पहुंचने में सुविधा देता है. दूसरी ओर पश्चिम बंगाल का दार्जिलिंग रोपवे चाय बागानों, गहरी घाटियों और घने जंगलों के ऊपर से गुजरता है. साफ मौसम में यहां से हिमालय की चोटियां भी दिखाई देती हैं.

यात्रा से पहले मौसम और टिकट की जानकारी लें

रोपवे की सैर के लिए सुबह और शाम का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है. इन समयों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहता है और प्राकृतिक दृश्य अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं. हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में खराब मौसम या मानसून के दौरान रोपवे सेवाएं अस्थायी रूप से बंद भी हो सकती हैं. इसलिए यात्रा से पहले संबंधित स्थान की जानकारी जरूर प्राप्त करें.

सुरक्षा नियमों का पालन करना है जरूरी

रोपवे की यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए. चलते हुए केबिन में झुकने, खड़े होने या अनावश्यक गतिविधियां करने से बचना चाहिए. छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान रखें. यदि मौसम खराब हो या तेज हवा चल रही हो तो संचालन प्रभावित हो सकता है. ऊंचाई से जुड़ी परेशानी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर यात्रा से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर माना जाता है.