नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल सरकार ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. हुगली जिले के जिराट गांव में स्थित उनके पैतृक घर और उससे जुड़ी संपत्ति का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है. सरकार अब इस ऐतिहासिक परिसर को संग्रहालय, पुस्तकालय और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करेगी. इस परियोजना का उद्देश्य डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है.
राज्य सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पैतृक संपत्ति को 1 करोड़ 25 लाख 99 हजार 822 रुपये में खरीद लिया है. इस संपत्ति का कुल क्षेत्रफल 0.30179 एकड़ है. भूमि और भवन का मूल्यांकन पूरा होने के बाद सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की गईं. प्रशासनिक खर्च जोड़कर इस अधिग्रहण पर कुल लगभग 1 करोड़ 28 लाख रुपये व्यय हुए.
तीन जून को राज्य मंत्रिमंडल ने संपत्ति खरीदने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी. इसके बाद जिला स्तर पर बैठक आयोजित हुई और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपत्ति का पंजीकरण कराया गया. तीन जुलाई को कोलकाता स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री पूरी होने के बाद चारों उत्तराधिकारियों के बैंक खातों में राशि हस्तांतरित कर दी गई.
सरकार की योजना इस ऐतिहासिक भवन को आधुनिक संग्रहालय और पुस्तकालय के रूप में विकसित करने की है. इसके साथ परिसर का जीर्णोद्धार, पार्क, सभागार और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे डॉ. मुखर्जी के जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को व्यापक रूप से प्रस्तुत किया जा सकेगा.
अब तक इस संपत्ति की देखरेख परिवार के सदस्य कर रहे थे. जिराट में उनके पिता सर आशुतोष मुखर्जी के नाम पर पहले से विद्यालय और पुस्तकालय मौजूद हैं, लेकिन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कोई बड़ा स्मारक नहीं था. इस परियोजना के बाद उनकी ऐतिहासिक विरासत को स्थायी पहचान मिलने की उम्मीद है.
राज्य सरकार ने अपने पहले बजट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर इस परियोजना सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसी योजना के तहत कोलकाता में उनकी 125 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी शामिल है. सरकार का कहना है कि यह पहल ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.