menu-icon
India Daily

साल्बोनी जमीन घोटाला: 'TMC खाते में जमा कराए 7 करोड़ रुपये', अभिषेक बनर्जी के PA ने कबूला!

पश्चिम बंगाल के चर्चित साल्बोनी जमीन घोटाले में नया मोड़ा आया है. सीआईडी (CID) की जांच में दावा किया गया है कि फर्जी कागजात के जरिए बेची गई सरकारी जमीन से जुटाए गए 7 करोड़ रुपये तृणमूल यूथ कांग्रेस के बैंक खाते में जमा कराए गए.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
साल्बोनी जमीन घोटाला: 'TMC खाते में जमा कराए 7 करोड़ रुपये', अभिषेक बनर्जी के PA ने कबूला!
Courtesy: ANI and Pinterest

बंगाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. साल्बोनी जमीन घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, राज्य के कद्दावर नेताओं की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. जांच एजेंसी सीआईडी ने कोर्ट में जो दावे किए हैं, उन्होंने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सांसद अभिषेक बनर्जी के बेहद करीबी माने जाने वाले उनके पर्सनल असिस्टेंट का नाम सामने आया. सीआईडी की पूछताछ में हुए इस नए खुलासे के बाद अब सीधे तौर पर पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

घोटाले की रकम का पार्टी कनेक्शन

जांच एजेंसियों के मुताबिक, फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेची गई सरकारी जमीन से जुटाया गया पैसा सीधा पार्टी के खाते में भेजा गया. पूर्व विधायक सुजय हाजरा और पीए सुमित रॉय की गिरफ्तारी के बाद मामले के कई अहम सूत्र हाथ लगे हैं. कोर्ट में पेश दस्तावेजों से साफ हुआ है कि साल 2018 से 2021 के बीच किस्तों में लगभग 7 करोड़ रुपये कोलकाता की एक बैंक शाखा में जमा कराए गए थे.

पीए का सनसनीखेज बयान

सांसद के पीए सुमित रॉय ने कोर्ट के सामने दावा किया कि उसने अपनी मर्जी से कोई पैसा जमा नहीं किया. उसने बताया कि सांसद के ट्रेजरर से मिली रकम को उसने केवल निर्देशानुसार बैंक खाते में ट्रांसफर किया था. सुमित का कहना है कि इस जमीन के लेन-देन से उसने अपने लिए कोई निजी फायदा नहीं उठाया है. केवल पार्टी के निर्देश पर ही यह पूरी प्रक्रिया पूरी की गई थी.

गवाहों के बयान से बढ़ा शिकंजा

सीआईडी ने अपनी चार्जशीट में कई चश्मदीदों के बयानों को शामिल किया है, जिनमें सुरक्षाकर्मी और ड्राइवर शामिल हैं. इन गवाहों ने सुमित और पूर्व विधायक के बीच पैसों के सीधे लेन-देन की बात कबूल की है. सुमित का अपना कोई अलग कार्यालय न होकर सांसद कार्यालय से काम करना, इस पूरे मामले में उनकी सीधी संलिप्तता और भूमिका की ओर इशारा कर रहा है.

केंद्रीय नेतृत्व से पूछताछ के संकेत

जिस बैंक खाते में 7 करोड़ रुपये जमा हुए, वह पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम पर पंजीकृत पाया गया है. सीआईडी अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि सुमित रॉय का बयान पूरी तरह सही साबित होता है, तो पैसों के असली स्रोत तक पहुंचने के लिए सांसद अभिषेक बनर्जी से भी सीधे तौर पर पूछताछ की जा सकती है. इससे आने वाले दिनों में जांच और तेज होने के पूरे आसार हैं.