लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान मौजूदा व्यवस्था और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि मौजूदा 'सिस्टम' छात्रों से डरता है क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं. राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश को मजबूत बनाने के लिए युवाओं और छात्रों का सवाल पूछना बेहद जरूरी है.
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र संस्थाओं के कामकाज से लेकर आर्थिक और राजनीतिक शक्तियों के केंद्रीकरण पर गंभीर प्रश्न उठा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि गृह मंत्री अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख कैसे बन गए, देश का बड़ा कारोबार सिर्फ दो लोगों के हाथों में कैसे केंद्रित हो गया, और न्यायपालिका व चुनाव आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्षता से काम क्यों नहीं कर पा रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि व्यवस्था को ऐसे जिज्ञासु और निडर छात्र पसंद नहीं हैं, बल्कि वह सिर्फ काल्पनिक दुनिया में जीने वाले 'अंधभक्तों' को बढ़ावा देना चाहती है.
इंदौर के कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि जिस व्यवस्था और शैक्षणिक ढांचे का काम छात्रों और विश्वविद्यालयों की रक्षा करना है, वही आज छात्रों पर हमले कर रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कई प्रमुख संस्थानों पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे युवाओं के भविष्य और पारदर्शी परीक्षाओं पर संकट खड़ा हो गया है.
कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों ने भी राहुल गांधी के बयानों का समर्थन किया. मध्य प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, 13 फीसदी पदों को रोकने (होल्ड) और पारदर्शिता की कमी का मुद्दा उठाते हुए छात्रों ने कहा कि जब वे गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया जाता है. राहुल गांधी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है.