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Shubhanshu Shukla's Space Mission: शुभांशु शुक्ला का पूरा अंतरिक्ष मिशन समझने के लिए पढ़ें ये 10 प्वाइंट्स

Shubhanshu Shukla's Space Mission: भारत के लिए एक गर्व का पल आने वाला है क्योंकि शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष की सैर पर जाने वाले हैं. ऐसे में आइए जानते हैं, उनके पूरे स्पेस मिशन के बारे में.

Shubhanshu Shukla
Courtesy: Social Media

Shubhanshu Shukla's Space Mission: भारत के लिए एक और गर्व का क्षण आने वाला है. भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा के लिए तैयार हैं. वह इसरो के गगनयान कार्यक्रम और ऐक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष में भारत का परचम लहराएंगे. 

यह मिशन न केवल भारत की अंतरिक्ष क्षमता को दिखाएगा बल्कि दुनिया भर में भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा. साथ ही शुभांशु भारत के दूसरे ऐसे अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो अंतरिक्ष की सैर करने जा रहे हैं.

भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री

शुभांशु शुक्ला भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री होंगे, जो अंतरिक्ष की सैर करेंगे. उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा ने सोवियत मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रा की थी. शुभांशु का यह मिशन भारत के लिए एक नया इतिहास रचेगा क्योंकि वह पहली बार किसी भारतीय को ISS पर ले जाने वाले पहले यात्री होंगे.

ऐक्सिओम मिशन-4 का हिस्सा

शुभांशु ऐक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के पायलट होंगे. यह एक निजी अंतरिक्ष मिशन है, जिसे नासा, इसरो और स्पेसएक्स मिलकर संचालित कर रहे हैं. 

ISS पर 14 दिन का प्रवास

शुभांशु ISS पर 14 दिन बिताएंगे, जहां वह कई वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे. इनमें अंतरिक्ष में मूंग और मेथी जैसी फसलों को उगाने के साथ-साथ मानव शरीर पर अंतरिक्ष के प्रभावों का अध्ययन शामिल है. 

अनुभवी पायलट कठिन प्रशिक्षण

शुभांशु भारतीय वायुसेना के अनुभवी टेस्ट पायलट हैं. उनके पास सुखोई-30, मिग-21, मिग-29, जैगुआर और हॉक जैसे विमानों में 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव है. उन्होंने रूस के यूरी गागरिन कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में कठिन प्रशिक्षण लिया है.

भारतीय संस्कृति को अंतरिक्ष में ले जाएंगे

शुभांशु अंतरिक्ष में भारतीय संस्कृति का प्रदर्शन भी करेंगे. वह योग करेंगे और भारतीय मिठाइयां व एक खिलौना हंस (जॉय) अपने साथ ले जाएंगे. यह खिलौना शून्य गुरुत्वाकर्षण में तैरकर मिशन का प्रतीक बनेगा. 

अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक

ऐक्सिओम मिशन-4 में भारत, अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे. यह मिशन इन देशों के लिए 40 साल बाद पहला सरकारी अंतरिक्ष मिशन होगा. यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की बढ़ती ताकत को दर्शाता है.

गगनयान मिशन के लिए तैयारी

शुभांशु का यह मिशन भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन, गगनयान, के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है. गगनयान 2026 में तीन भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में ले जाएगा. Ax-4 से मिलने वाला अनुभव इसरो को गगनयान की तैयारी में मदद करेगा.

युवाओं के लिए प्रेरणा

शुभांशु ISS से भारतीय छात्रों के साथ लाइव बातचीत करेंगे. उनका मकसद विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में युवाओं की रुचि बढ़ाना है. वह अपनी यात्रा की तस्वीरें और वीडियो भी साझा करेंगे, जो भारत के 1.4 अरब लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे.