Parliament Monsoon Session: नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद संसद की कार्यवाही सोमवार से नई दिशा में जाने वाली है. मानसून सत्र के दौरान अब तक हंगामा छाया रहा, लेकिन आज सोमवार को केंद्र सरकार लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पेश करने जा रही है. यह बिल पेपर लीक की घटनाओं को रोकने और दोषियों को सख्त सजा देने के लिए लाया जा रहा है.
केंद्रीय कैबिनेट ने पहले ही इस बिल को मंजूरी दे दी है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में यह बिल पेश करेंगे. बिल में पेपर लीक करने वालों के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं. इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने, ट्रायल जल्द पूरा करने और भारी जुर्माने का प्रावधान है.
इस कानून में सात बड़े संशोधन किए गए हैं. राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट बना सकेंगे. चार्जशीट दाखिल होने के तीन महीने के अंदर ट्रायल पूरा करना अनिवार्य होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बिल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए थे.
रविवार को पीएम मोदी ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया. यह टास्क फोर्स NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) समेत पूरी परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर काम करेगी.
सोमवार सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के नेता राज्यसभा में नेता विपक्ष के कार्यालय में बैठक करेंगे. वे मानसून सत्र की आगे की रणनीति तय करेंगे. विपक्ष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साध रहा है. कांग्रेस ने अमित शाह से बयान देने की मांग की है. राहुल गांधी ने शाह को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी थी? विपक्ष का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है और सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए.
बता दें कि मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त तक चलेगा. शुरुआती दिनों में NEET पेपर लीक और दिल्ली में CJP प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामा हुआ. अब सरकार बिल पेश करके जवाब देना चाहती है.