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'शिक्षा मेरे लिए नया विषय', पदभार संभालते ही बोले नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है. उन्होंने कहा कि शिक्षा उनके लिए नया विषय है और पहले वह मंत्रालय को समझेंगे और फिर कुछ जवाब देंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'शिक्षा मेरे लिए नया विषय', पदभार संभालते ही बोले नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी
Courtesy: @JoshiPralhad

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उन्हें शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक की और विभाग के कामकाज की जानकारी ली.

 'शिक्षा मेरे लिए नया विषय'

पद संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि शिक्षा उनके लिए एक नया विषय है. उन्होंने बताया कि यह मंत्रालय काफी बड़ा और व्यापक है, इसलिए इसकी कार्यप्रणाली को पूरी तरह समझने के बाद ही वह नीतियों और योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे. उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान मंत्रालय की कार्यप्रणाली को समझने पर है.

पीएम मोदी के भरोसे का किया जिक्र

जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर भरोसा जताते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है. उन्होंने बताया कि वह शनिवार तक कर्नाटक में थे, देर रात दिल्ली पहुंचे और रविवार सुबह मंत्रालय पहुंचकर पदभार ग्रहण किया. उन्होंने कहा कि वह सभी महत्वपूर्ण फाइलों, चल रही योजनाओं और मंत्रालय के फैसलों की समीक्षा कर रहे हैं.

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई विस्तृत बैठक

नवनियुक्त शिक्षा मंत्री ने बताया कि पदभार संभालने के तुरंत बाद उनकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें हुईं. इन बैठकों में मंत्रालय की प्राथमिकताओं, मौजूदा योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि मंत्रालय की पूरी तस्वीर समझने के बाद ही आगे की दिशा पर स्पष्ट रूप से बात करेंगे.

जताया प्रधानमंत्री का आभार

पदभार ग्रहण करने के बाद प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. उन्होंने लिखा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में मिली जिम्मेदारी को वह विनम्रता और कर्तव्य की गहरी भावना के साथ स्वीकार करते हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे.