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India Daily

धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब राज्यों के शिक्षा मंत्री निशाने पर, इस्तीफे की उठी मांग

केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब कई राज्यों में छात्र संगठन शिक्षा मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं. पंजाब, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध तेज हो गया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
धर्मेंद्र प्रधान के बाद अब राज्यों के शिक्षा मंत्री निशाने पर, इस्तीफे की उठी मांग
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में विरोध का दायरा बढ़ता जा रहा है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद अब कई राज्यों में भी शिक्षा मंत्रियों से जवाब मांगा जा रहा है. छात्र संगठन और विपक्ष पारदर्शी जांच तथा जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं.

राज्यों में जवाबदेही की मांग तेज

केंद्रीय स्तर पर हुए घटनाक्रम के बाद छात्र संगठनों ने अब राज्य सरकारों पर भी दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है. झारखंड, पंजाब, केरल, कर्नाटक और अन्य राज्यों में प्रदर्शन की तैयारी या विरोध अभियान तेज हो रहे हैं. छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा संबंधी विवादों में केंद्रीय स्तर पर जवाबदेही तय की जा सकती है, तो राज्यों में भी समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए.

लखनऊ में विश्वविद्यालय के छात्रों ने बड़े प्रदर्शन का ऐलान करते हुए कहा कि जिन राज्यों में भर्ती परीक्षाओं या पेपर लीक को लेकर सवाल उठे हैं, वहां संबंधित शिक्षा मंत्रियों से भी जवाब लिया जाना चाहिए. उनका कहना है कि लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.

पंजाब और आंध्र प्रदेश में बढ़ा राजनीतिक विवाद

पंजाब में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा और कृषि विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है. फार्मेसी भर्ती परीक्षा के दौरान पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया और ब्लूटूथ डिवाइस, पेन कैमरा तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए. विपक्ष इसे व्यवस्था की विफलता बताते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है.

हालांकि राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल की कोशिश को समय रहते पकड़ लिया गया. दूसरी ओर आंध्र प्रदेश में मेगा डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती परीक्षा को लेकर वाईएसआर कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और पूरे मामले की अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग उठाई है.

तेलंगाना में शिक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

तेलंगाना में भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है. भाजपा ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर जवाब मांगा है और लंबित ट्यूशन फीस री-इंबर्समेंट का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. विपक्ष का आरोप है कि लाखों छात्रों से जुड़े मामलों का समय पर समाधान नहीं हो रहा है. इन घटनाओं के बीच छात्र संगठनों का कहना है कि चाहे मामला पेपर लीक का हो, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं का या शिक्षा से जुड़े प्रशासनिक फैसलों का, हर स्तर पर निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली पर बना रहे.