नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बीच संसद में एक अहम राजनीतिक संदेश सामने आया है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सहयोगी पार्टी सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) ने लोकसभा में छात्रों की आवाज का समर्थन किया. पार्टी के सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने कहा कि युवाओं का विरोध केवल नाराजगी नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की जरूरत का स्पष्ट संकेत है.
लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान एसकेएम सांसद इंद्र हांग सुब्बा ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में युवाओं ने जिस तरह अपनी बात सड़कों पर रखी, उसे नकारात्मक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. उनके अनुसार यह सरकार, सांसदों और पूरी व्यवस्था के लिए एक ऐसी चेतावनी है, जिससे परीक्षा प्रणाली को अधिक मजबूत और निष्पक्ष बनाने की दिशा में गंभीर कदम उठाए जा सकते हैं.
सुब्बा ने कहा कि परीक्षा में नकल और पेपर लीक अब अलग-अलग घटनाएं नहीं रह गई हैं. यह एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुका है, जिसका सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों को उठाना पड़ता है जो कठिन मेहनत और ईमानदारी से तैयारी करते हैं. उन्होंने कहा कि पैसों के बल पर होने वाली धांधली प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के भविष्य पर सीधा असर डालती है. साथ ही उन्होंने ऐसे मामलों की तय समय सीमा में जांच पूरी करने की मांग भी रखी.
एसकेएम केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए का सहयोगी दल है और सिक्किम से लोकसभा में उसका प्रतिनिधित्व करता है. इंद्र हांग सुब्बा लगातार दूसरी बार सांसद चुने गए हैं. ऐसे में सरकार के सहयोगी दल की ओर से छात्रों के आंदोलन के समर्थन में दिया गया यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत पर जोर देता है.
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी सदन में पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि छात्रों के लंबे आंदोलन और जनदबाव के कारण ही सरकार को सख्त कानून लाना पड़ा. कम समय मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि छात्र केवल विरोध दर्ज कराने के लिए सड़कों पर नहीं उतरे थे, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे थे.
चर्चा के बाद लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी. नए प्रावधानों के तहत पेपर लीक और नकल कराने वाले गिरोहों के लिए कड़ी सजा और अधिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसके साथ ही ऐसे मामलों की तेजी से सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई हो सके.