कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर से हुंकार भरी और गुरुवार को पुणे की सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन किया. सैकड़ों की संख्या में युवा इस विरोध में शामिल होने के लिए पहुंचे. ना केवल युवा बल्कि बड़े-बुजुर्ग भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे.
विरोध प्रदर्शन से पहले जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पार्टी का घोषणापत्र जारी किया. उन्होंने कहा पेपर लीक पर रोक, परीक्षा परिणाम की समय पर घोषणा, भर्ती प्रक्रियाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, परीक्षा अधिकारियों की जवाबदेही मजबूत करना और परीक्षाओं के आयोजन में देरी और अनियमितताओं के कारण छात्रों को होने वाली समस्याओं का समाधान करना हमारी पार्टी का एजेंडा है.
Thousands of cockroaches rise up in peaceful protest in Pune #cjpprotest pic.twitter.com/I6I0MvtqnJ
— Cockroach is Back (@Cockroachisback) June 11, 2026
इसी के साथ पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान किया कि पार्टी 12 जून को लखनऊ में धरना प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन होगा.
कॉकरोच जनता पार्टी इस साल मई में उस समय अस्तित्व में आई थी जब भारत के मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत ने भारत के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहकर संबोधित किया था. इसके बाद अभिजीत दिपके ने रातोंरात सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी बनाई और देखते ही देखते इस पार्टी ने इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को भी पीछे छोड़ दिया.
इस पार्टी को जो समर्थन मिल रहा है उसे भारत की सरकार के खिलाफ भारत के युवा वर्ग के गुस्से के तौर पर देखा जा रहा है. कहा जा रहा है कि देश में फैल रही बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा की दुर्गति और बार-बार होते पेपर लीक को लेकर देश के युवाओं में भारी गुस्से का माहौल है. ऑनलाइन बनी यह पार्टी अब इंटरनेट की दुनिया से निकलकर सड़कों पर आ चुकी है और पूरे देश में अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रही है. पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती उनका विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा.