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CJP के प्रदर्शन में शामिल हुई असम के मंत्री की बेटी, सीएम हिमंता ने की ट्रोल ना करने की अपील

असम में NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में मंत्री केशव महंता की बेटी के शामिल होने पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्रोलिंग का विरोध करते हुए व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात कही.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
CJP के प्रदर्शन में शामिल हुई असम के मंत्री की बेटी, सीएम हिमंता ने की ट्रोल ना करने की अपील
Courtesy: X

NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच असम में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा के छात्र प्रदर्शन में शामिल होने के बाद यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया. प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस छेड़ दी.

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए, जिनमें दिबिसा के प्रदर्शन में मौजूद होने और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए जाने का दावा किया गया. हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी स्पष्ट किया है कि वह वायरल क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर पाई है. इसके बावजूद वीडियो के आधार पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया.

सीएम सरमा ने ट्रोलिंग का किया विरोध

पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी मंत्री को केवल इसलिए निशाना बनाना उचित नहीं है क्योंकि उसका बेटा या बेटी अलग राजनीतिक सोच रखता है. उन्होंने कहा कि यह संभव है कि बच्चे अपने माता-पिता की विचारधारा से सहमत न हों और लोकतांत्रिक समाज में ऐसी स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि केशव महंता को इस मामले में ट्रोल न किया जाए.

बच्चों की पहचान अलग होने की दलील

मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में उनका अपना बेटा भी वकालत करते समय किसी ऐसे व्यक्ति का पक्ष ले सकता है जिससे वह व्यक्तिगत रूप से सहमत न हों. उनका कहना था कि वयस्क होने के बाद बच्चों के फैसलों और विचारों को उनके माता-पिता की राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का हिस्सा बताया.

नारों से असहमति, बातचीत का भरोसा

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगली बार मुलाकात होने पर वह दिबिसा से इस विषय पर चर्चा करेंगे और अपनी बात समझाने का प्रयास करेंगे. दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर असम के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.