NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच असम में एक नया राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. राज्य सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा के छात्र प्रदर्शन में शामिल होने के बाद यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन गया. प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए. इस घटनाक्रम ने राजनीतिक दलों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी व्यापक बहस छेड़ दी.
विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए गए, जिनमें दिबिसा के प्रदर्शन में मौजूद होने और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए जाने का दावा किया गया. हालांकि इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने भी स्पष्ट किया है कि वह वायरल क्लिप की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर पाई है. इसके बावजूद वीडियो के आधार पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया.
Dibisa Mahanta, daughter of Assam Cabinet minister Keshab Mahanta pic.twitter.com/5sDOoL6MWH
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) July 26, 2026
पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी मंत्री को केवल इसलिए निशाना बनाना उचित नहीं है क्योंकि उसका बेटा या बेटी अलग राजनीतिक सोच रखता है. उन्होंने कहा कि यह संभव है कि बच्चे अपने माता-पिता की विचारधारा से सहमत न हों और लोकतांत्रिक समाज में ऐसी स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने लोगों से अपील की कि केशव महंता को इस मामले में ट्रोल न किया जाए.
VIDEO | In view of the videos of Assam minister Keshab Mahanta's daughter joining a protest against irregularities in the NEET exam, Chief Minister Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) says that his Cabinet colleague should not be trolled as "she may not follow her father's… pic.twitter.com/K40sspxlWb
— Press Trust of India (@PTI_News) July 26, 2026
मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में उनका अपना बेटा भी वकालत करते समय किसी ऐसे व्यक्ति का पक्ष ले सकता है जिससे वह व्यक्तिगत रूप से सहमत न हों. उनका कहना था कि वयस्क होने के बाद बच्चों के फैसलों और विचारों को उनके माता-पिता की राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का हिस्सा बताया.
हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अगली बार मुलाकात होने पर वह दिबिसा से इस विषय पर चर्चा करेंगे और अपनी बात समझाने का प्रयास करेंगे. दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर असम के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.