सोशल मीडिया पर इन दिनों E20 जनता पार्टी नाम का एक नया डिजिटल अभियान तेजी से चर्चा में है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बाद अब यह अभियान ईंधन नीति और उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर बहस छेड़ रहा है. अभियान का मुख्य नारा है— 'कारों पर एक्सपेरिमेंट नहीं, 100% पेट्रोल चाहिए.' इस अभियान के समर्थकों का कहना है कि सरकार यदि E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) उपलब्ध करा रही है तो उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल खरीदने का विकल्प भी मिलना चाहिए.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X और इंस्टाग्राम पर सक्रिय E20 जनता पार्टी खुद को किसी राजनीतिक दल के बजाय उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा डिजिटल अभियान बताती है. अभियान से जुड़े पोस्ट के मुताबिक, इसका उद्देश्य ईंधन नीति में पारदर्शिता बढ़ाना, सही जानकारी उपलब्ध कराना और ग्राहकों को अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुनने का अधिकार दिलाना है. हालांकि, फिलहाल यह कोई पंजीकृत राजनीतिक संगठन नहीं है, बल्कि सोशल मीडिया पर चल रहा एक अभियान है.
🚨 STOP EXPERIMENTING ON OUR CARS! INDIA DEMANDS CHOICE OF FUEL!
— E20 JANTA PARTY (@E20Party) July 26, 2026
Our vehicles are NOT test machines. We bought them with our hard-earned money after paying taxes years in advance.
We are a middle-class majority country, and fuel efficiency + vehicle performance directly impacts… pic.twitter.com/6wI0vquOCP
E20 जनता पार्टी की सबसे बड़ी मांग है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल के साथ-साथ 100 प्रतिशत शुद्ध पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए. अभियान से जुड़े लोग यह भी कहते हैं कि वे E20 पेट्रोल को बंद करने या किसी प्रकार की सब्सिडी की मांग नहीं कर रहे हैं. उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता और वाहन के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए.
इसके अलावा अभियान में ये मांगें भी उठाई गई हैं—
अभियान से जुड़े पोस्ट में दावा किया गया है कि कुछ वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी, इंजन की कार्यक्षमता, रखरखाव खर्च और लंबे समय में इंजन पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है. हालांकि, इन दावों पर अलग-अलग विशेषज्ञों और वाहन निर्माताओं की राय अलग हो सकती है. वाहन मालिकों को अपने वाहन निर्माता द्वारा सुझाए गए ईंधन संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए.
E20 जनता पार्टी का प्रचार-प्रसार काफी हद तक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शैली से मिलता-जुलता दिखाई देता है. दोनों अभियानों ने सोशल मीडिया, मीम्स और व्यंग्य का सहारा लेकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया. E20 जनता पार्टी ने भी सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट साझा किए हैं जिनमें लोगों से इस अभियान से जुड़ने की अपील की गई है. हालांकि, अभी तक इसका कोई औपचारिक संगठन, घोषित संस्थापक या बड़े स्तर का ऑफलाइन आंदोलन सामने नहीं आया है.
यह अभियान फिलहाल पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है. सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इसके पोस्ट साझा कर रहे हैं और ईंधन नीति को लेकर अपनी राय रख रहे हैं. अभियान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल पर हजारों लोग जुड़ चुके हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि E20 पेट्रोल और उपभोक्ताओं के विकल्प का मुद्दा ऑनलाइन चर्चा का विषय बना हुआ है.