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बॉर्डर गांवों से जुड़ें Gen Z तभी बनेगा 'विकसित भारत': पीएम मोदी का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के प्रतिभागियों से संवाद में युवाओं से सीमा गांवों से जुड़ने का आह्वान किया और इसे विकसित भारत व 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का आधार बताया.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बॉर्डर गांवों से जुड़ें Gen Z तभी बनेगा 'विकसित भारत': पीएम मोदी का संदेश
Courtesy: @airnewsalerts

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत करते हुए देश के युवाओं, खासकर Gen Z, से सीमा से जुड़े गांवों के साथ जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब युवा देश के सीमावर्ती क्षेत्रों को करीब से समझेंगे और वहां के लोगों के जीवन, चुनौतियों तथा राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को महसूस करेंगे.

सीमावर्ती गांवों से सीखने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा पर बसे गांव केवल भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की प्राथमिकता हमेशा राष्ट्रहित होती है. उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इन गांवों में समय बिताएं, स्थानीय जीवनशैली को समझें और देश की विविधता को अनुभव करें. उनका कहना था कि इससे युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों मजबूत होंगी.

'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की मिसाल

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को मजबूत करती है. उन्होंने बताया कि करीब 3 लाख युवाओं ने इस अभियान में हिस्सा लिया, जिनमें से 400 से अधिक प्रतिभागियों का चयन किया गया. चयनित युवाओं ने एक सप्ताह तक दूरदराज के सीमा गांवों में रहकर स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जाना.

विकसित भारत में युवाओं की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे अहम है. उनके अनुसार, जितना अधिक युवा सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़ेंगे, उतना ही वे देश की वास्तविक ताकत और विविधता को समझ पाएंगे. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वे स्वयं हर वर्ष दिवाली सीमाओं पर तैनात सैनिकों के साथ मनाते हैं, ताकि देश की सुरक्षा में लगे जवानों का मनोबल बढ़ाया जा सके.

 प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीमा गांवों की वास्तविक तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखने वाली धारणाओं से बिल्कुल अलग है. एक प्रतिभागी ने बताया कि उन्हें लगा था वहां मोबाइल नेटवर्क और बिजली जैसी सुविधाएं नहीं होंगी, लेकिन आधुनिक सड़कें और बेहतर बुनियादी ढांचा देखकर वे आश्चर्यचकित रह गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी परियोजनाओं ने इन क्षेत्रों की तस्वीर बदल दी है.

 'Gen Z यानी Nation First'

संवाद के दौरान प्रतिभागी दिव्यांशु जोशी ने कहा कि उनके लिए Gen Z का अर्थ केवल नई पीढ़ी नहीं, बल्कि Nation Building, Character Building, Service, Innovation और Nation First है. प्रतिभागियों ने भरोसा जताया कि देश का युवा विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में सक्रिय भूमिका निभाएगा. प्रधानमंत्री ने भी इस उत्साह को भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देने का आह्वान किया.