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जब एआई बना छात्रों का हमदर्द, IIT खड़गपुर की 'SETU' पहल से मिलेगा तनाव से छुटकारा

IIT खड़गपुर ने यह भी तय किया है कि मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ डॉक्टर या थेरेपिस्ट की चीज़ न रहे, बल्कि छात्र जीवन का हिस्सा बने. इसके लिए छात्र खुद वेलफेयर कमेटियों में शामिल होंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे.

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Edited By: Reepu Kumari
जब एआई बना छात्रों का हमदर्द, IIT खड़गपुर की 'SETU' पहल से मिलेगा तनाव से छुटकारा
Courtesy: Pinterest

SETU initiative: आईआईटी खड़गपुर अब सिर्फ तकनीक में ही नहीं, बल्कि छात्रों की ज़िंदगी बचाने की दिशा में भी बड़ी पहल कर रहा है. 2025 में चार छात्रों की आत्महत्या के बाद संस्थान ने जो कदम उठाया है, वह हर शैक्षणिक संस्थान के लिए मिसाल बन सकता है.

छात्रों के मानसिक तनाव, अकेलेपन और दबाव को कम करने के लिए अब IIT खड़गपुर ने लॉन्च किया है – SETU यानी Support, Empathy, Transformation and Upliftment. यह पहल इंसान और तकनीक को जोड़कर, छात्रों की भावनात्मक सेहत को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है.

तकनीक और हमदर्दी का संगम – SETU

SETU कोई आम हेल्थ सेवा नहीं, बल्कि यह एआई और काउंसलिंग का अनोखा कॉम्बिनेशन है. इस सिस्टम के जरिए छात्र 24x7 थेरेपी, काउंसलिंग और मनोचिकित्सकीय देखभाल ले सकते हैं. खास बात ये है कि यह सब पूरी तरह गोपनीय होगा. इसमें “YourDOST” प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक्सपर्ट्स की मदद मिलेगी.

AI करेगा इमोशनल हेल्थ पर नजर

इस योजना में खास AI सिस्टम हॉस्टलों और डिपार्टमेंट्स में लगाया गया है जो छात्रों की मानसिक स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर करेगा. जैसे ही किसी छात्र में स्ट्रेस या डिप्रेशन के लक्षण दिखेंगे, तुरंत सहायता पहुंचाई जाएगी. ये सिस्टम छात्रों की इमोशनल हालत पहचानकर उन्हें अकेलापन महसूस नहीं करने देगा.

छात्रों द्वारा, छात्रों के लिए – नई सोच

IIT खड़गपुर ने यह भी तय किया है कि मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ डॉक्टर या थेरेपिस्ट की चीज़ न रहे, बल्कि छात्र जीवन का हिस्सा बने. इसके लिए छात्र खुद वेलफेयर कमेटियों में शामिल होंगे और एक-दूसरे की मदद करेंगे.

‘सेतु’ यानी पुल – ये नाम ही इस बात का प्रतीक है कि अब छात्रों के दुख और संस्थान के बीच एक जुड़ाव तैयार हो गया है.