PM Modi Japan Visit: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने टोक्यो में भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया सिर्फ भारत को देख ही नहीं रही, बल्कि भारत पर भरोसा भी दिखा रही है. यह मोदी का लगभग सात साल बाद जापान का पहला दौरा है.
पीएम मोदी की जापान और चीन यात्रा इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रंप का भारत पर लगाया गया 50 फीसदी टैरिफ बुधवार से लागू हो गया है. रूस से तेल खरीदने पर अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया है. भारत इस बैन से निपटने के लिए ट्रेड के विकल्प खोज रहे हैं.
पीएम मोदी ने कहा कि जापान भारत की विकास यात्रा का अहम साझेदार रहा है. उन्होंने बताया कि अब तक 40 अरब डॉलर से ज्यादा जापानी कंपनियों ने निवेश भारत में किया है. मोदी ने भारत को निवेश के लिए स्थिर और भरोसेमंद गंतव्य बताते हुए कहा कि भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा.
Addressing the India-Japan Economic Forum in Tokyo. Strong business ties between our nations are a vital element of our friendship. https://t.co/OUSvy98eJo
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2025
मोदी ने इस दौरान नए सहयोग के रास्ते खोलने का संकेत भी दिया. उन्होंने कहा कि रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के बाद भारत अब परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को भी निजी कंपनियों के लिए खोल रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत-जापान साझेदारी को नए पंख दिए जाएंगे.
भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने बताया कि इस दौरे में क्वाड जैसे बहुपक्षीय ढांचे पर भी बात होगी न कि सिर्फ द्विपक्षीय मुद्दों तक सीमित नहीं रहेगी. मौजूदा भू-राजनीतिक परिदृश्य और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध के बीच भारत और जापान दोनों अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने पर जोर देंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में आर्थिक मजबूती, राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में पूरी तरह पारदर्शिता है. इस वजह से पूंजी सिर्फ बढ़ती ही नहीं, बल्कि कई गुना हो जाती है. उन्होंने कहा कि जापान और भारत मिलकर एशिया और दुनिया के लिए शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा योगदान देंगे. अपने दौरे के कार्यक्रम में मोदी जापानी उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे, जिनमें अगली पीढ़ी की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी चर्चा होगी. इसके अलावा वह जापानी गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करने के साथ एक बौद्ध मंदिर का भी दौरा करेंगे.