नई दिल्ली: प्रयागराज से दिल्ली आ रही वंदे भारत ट्रेन में परोसे गए खाने को लेकर एक यात्री ने गंभीर सवाल उठाए हैं. महिला को प्लास्टिक पन्नी में पैक रोटी गर्म हालत में दी गई, जबकि पैकेट पर कहीं भी माइक्रोवेव में गर्म करने का निर्देश नहीं था. महिला ने मौके पर ही स्टाफ से जवाब मांगा और पूरी बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड किया. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद IRCTC ने मामले में संज्ञान लेते हुए खेद जताया और यात्री से संपर्क विवरण मांगा.
महिला ने स्टाफ से सीधा सवाल किया कि रोटी के पैकेट पर कहां लिखा है कि इसे माइक्रोवेव में गर्म किया जा सकता है. स्टाफ के पास इसका स्पष्ट उत्तर नहीं था. बातचीत के दौरान यह स्वीकार किया गया कि पैकेट सहित भोजन को गर्म किया गया. महिला का कहना था कि बिना प्रमाणित निर्देश के ऐसा करना सुरक्षित नहीं माना जा सकता.
Public Health Issue Alert 🚨
— Avani Bansal (@bansalavani) February 18, 2026
Travelling on Vande Bharat today (Allahabad → Delhi) and yesterday was travelling on Rajdhani (Delhi → Allahabad), I was served rotis/kachoris heated directly inside sealed plastic packaging. While at Rajdhani, I was hungry and so ate the hot… pic.twitter.com/gIxM4U1d5N
जब महिला ने वीडियो रिकॉर्ड करना जारी रखा तो स्टाफ ने उन्हें रोकने की कोशिश की. जवाब मिला कि यदि शिकायत करनी है तो कीजिए, लेकिन वीडियो न बनाएं. महिला ने कहा कि पूरी ट्रेन को यही खाना परोसा गया है, ऐसे में सवाल उठाना जरूरी है. करीब दो मिनट का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
वीडियो साझा करने वाली अवनी बंसल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि पैकेजिंग पर इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखने का निर्देश है, माइक्रोवेव सेफ का उल्लेख नहीं. उन्होंने चेतावनी दी कि बिना प्रमाणित फूड ग्रेड पैकेजिंग को गर्म करने से भोजन में रासायनिक तत्व मिल सकते हैं. यह केवल सुविधा का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा का प्रश्न है.
मामले के वायरल होते ही IRCTC ने प्रतिक्रिया दी और असुविधा के लिए खेद जताया. संस्था ने यात्री से PNR और मोबाइल नंबर साझा करने को कहा ताकि समाधान किया जा सके. हालांकि महिला का कहना है कि यह व्यक्तिगत नहीं, बल्कि व्यापक समस्या है और व्यवस्था स्तर पर सुधार जरूरी है.
वीडियो पर कई प्रतिक्रियाएं आईं. कुछ यूजर्स ने शिकायत व्यवस्था पर सवाल उठाए, तो कुछ ने अपने अच्छे अनुभव साझा किए. कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि स्टेशनों पर स्थानीय कैटरर्स को ताजा भोजन परोसने की अनुमति दी जानी चाहिए. फिलहाल यह मुद्दा फूड सेफ्टी और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ चुका है.