जलगांव: महाराष्ट्र के जलगांव से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल माता-पिता के होश उड़ा दिए, बल्कि चिकित्सा जगत के सामने भी एक अनोखी चुनौती पेश कर दी. यहां साढ़े तीन साल के एक मासूम बच्चे के साथ खेल-खेल में हुआ हादसा उसकी जान पर बन आया. गनीमत रही कि समय रहते एक डॉक्टर और एक प्लम्बर की जुगलबंदी ने ग्राइंडर मशीन के जरिए इस मुश्किल को हल कर दिया.
मिली जानकारी के अनुसार, साढ़े तीन साल का मासूम घर में खेल रहा था. इसी दौरान उसने रसोई में रखे एल्युमिनियम के एक बर्तन को 'मुकुट' समझकर अपने सिर पर रख लिया. खेल ही खेल में वह बर्तन उसके सिर और गर्दन के बीच इस कदर फंस गया कि उसे निकालना नामुमकिन हो गया. देखते ही देखते बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह दर्द व घबराहट से जोर-जोर से रोने लगा. बच्चे की हालत देख माता-पिता के हाथ-पांव फूल गए और वे उसे लेकर तुरंत नजदीकी अस्पतालों की ओर भागे.
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कई निजी अस्पतालों ने हाथ खड़े कर दिए. डॉक्टरों को डर था कि बर्तन निकालते समय बच्चे के सिर या गर्दन की नसों में गंभीर चोट लग सकती है. थक-हारकर परिजन एक क्लीनिक पहुंचे जहाँ डॉ. मिनाज पटेल ने इस जोखिम भरे रेस्क्यू को अंजाम देने का साहस दिखाया. डॉ. पटेल ने महसूस किया कि पारंपरिक तरीके से इसे निकालना संभव नहीं है, इसलिए उन्होंने कुछ अलग करने का निर्णय लिया.
महाराष्ट्र के जलगाँव में बच्चे ने मुकुट समझकर बर्तन गले में फसा डाला.बडी मुश्किल से उसकी जान बची. pic.twitter.com/wl7WfhCB9v
— Hemraj Singh Chauhan (@JournoHemraj) February 18, 2026
डॉक्टर ने तुरंत अस्पताल के प्लम्बर खालिद शेख को ग्राइंडर मशीन के साथ बुलाया. रेस्क्यू के दौरान पूरी सावधानी बरती गई ताकि मशीन की गर्मी या कटर से बच्चे को खरोंच तक न आए. सुरक्षा के लिए लकड़ी की पीयूसी शीट और गीले कपड़ों का एक घेरा तैयार किया गया. ग्राइंडर कटर की मदद से बेहद सावधानी से बर्तन को काटना शुरू किया गया. लगभग 12 मिनट तक चली इस रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रक्रिया के बाद बर्तन के दो टुकड़े हो गए और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
कुछ ही घंटों के इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के बाद जब बच्चा सुरक्षित हुआ, तो परिजनों ने राहत की सांस ली. इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग डॉक्टर और प्लम्बर की इस अनोखी 'सर्जरी' और साहस की जमकर तारीफ कर रहे हैं.