पिछले चार सालों से आईसीयू में मरीजों के साथ अंतिम पल बिताने वाली एक नर्स ने खुलासा किया कि अंतिम क्षणों में ज्यादातर लोग एक ही बात कहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि मरने से पहले लोगों में भक्ति भावना भी देखी जाती है. 29 साल की क्रिर्स्टी रॉबर्ट्स ने कहा कि मरने से कुछ मिनटों पहले लगभग हर एक व्यक्ति एक ही बात कहता है.
क्रिस्टी ने बताया कि मरने से पहले हर एक आदमी एक ही बात कहता है कि क्या तुम मेरे परिवार को बता सकती हो कि मैं उनसे प्यार करता हूं?, मैं अच्छा महसूस नहीं कर रहा हूं और मैं जानता हूं कि मैं मरने जा रहा हूं.
क्रिर्स्टी कहती हैं, 'लेकिन उन्हें पता कैसे होता है? उनमें एक आध्यात्मिक परिवर्तन होता है जिसके बारे में कोई नहीं बता सकता. उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर होती है, ठीक वैसे ही जब वे भर्ती हुए थे. उनकी हालत देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि ये अब मर जाएगा.'
आईसीयू नर्स ने दावा किया कि जिन मरीजों के साथ उन्होंने आखिरी पल बिताए उन्हें पता होता था कि वो अब मरने वाले हैं. उन्होंने कहा कि अपने चार साल के अनुभव में उन्हें अभी तक यह पता नहीं चला है कि उन्हें कैसे पता चल जाता था कि वे अब मरने वाले हैं.
क्रिर्स्टी कहती हैं कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उन्हें कितनी दवाई दी गई है, या उनके कितने टेस्ट हुए हैं, जो भी व्यक्ति उन शब्दों को कहता था वह मर जाता था. क्रिर्स्टी कहती हैं कि मरीजों की मृत्यु का सामना करना कभी भी आसान नहीं होता, क्योंकि उनके साथ हमारा एक संबंध बन चुका होता है लेकिन वक्त के साथ हमें सच को स्वीकार करना होता है.
क्रिर्स्टी कहती है कि यह सिर्फ उन चीजों को इकट्ठा करने के बारे में नहीं हैं जिन्हें हम एक दिन पीछे छोड़ देंगे. प्रभु से प्रेम करो, दूसरों से प्रेम करो और जो कुछ तुम्हारे पास है उसके लिए आभारी रहो.