menu-icon
India Daily

'ओझा तो बोझा है, विकास ने बस खुद का विकास किया...', ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के बाद 'गुरुओं' की हो रही तलाश

Old Rajdendra Nagar: ओल्ड राजेंद्र नगर में तीन छात्रों की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है. ये छात्र अब ओल्ड राजेंद्र नगर के अलावा मुखर्जी नगर में भी प्रदर्शन कर रहे हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं. इन छात्रों ने अब नाम लेकर यह पूछना भी शुरू कर दिया है कि विकास दिव्यकीर्ति और अवध ओझा जैसे शिक्षक कहां हैं और उनका साथ क्यों नहीं दे रहे हैं. बता दें कि इस मामले में अभी तक कई लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है.

India Daily Live
'ओझा तो बोझा है, विकास ने बस खुद का विकास किया...', ओल्ड राजेंद्र नगर हादसे के बाद 'गुरुओं' की हो रही तलाश
Courtesy: Social Media

दिल्ली का मुखर्जी नगर और ओल्ड राजेंद्र नगर यूपीएससी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग का गढ़ है. यहां सैकड़ों कोचिंग संस्थान हैं और हजारों स्टूडेंट्स हर साल यहां IAS बनने का सपना पाले आते हैं. कुछ टीचर्स ऐसे हैं जो न सिर्फ अपनी टीचिंग के लिए मशहूर हैं बल्कि स्टूडेंट्स उन्हें असल में अपना 'गुरु' मानते हैं. ओल्ड राजेंद्र नगर की एक कोचिंग के बेसमेंट में हुए हादसे के बाद यही गुरु इन स्टूडेंट्स के निशाने पर हैं. सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोरने वाले विकास दिव्यकीर्ति और अवझ ओझा जैसे टीचर्स का नाम लेकर स्टूडेंट्स अपना विरोध जता रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक कविता वायरल हो रही है जिसमें अवध ओझा को बोझा और विकास दिव्यकीर्ति को खुद का विकास करने वाला कारोबारी बताया जा रहा है. छात्र गुस्से में हैं क्योंकि वे अपनी मांग को लेकर सड़क पर हैं और इन गुरुओं की ओर से उन्हें समर्थन नहीं मिल रहा है.

दरअसल, दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में स्थित Rau's IAS कोचिंग के बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी. दर्जनों स्टूडेंट्स को बड़ी मुश्किल से निकाला गया था. छात्रों की मौत के बाद प्रदर्शन पर उतरे स्टूडेंट्स का कहना है कि मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए, घायलों को आर्थिक मदद दी जाए और यह स्पष्ट तौर पर बताया जाए कि कुल कितने छात्रों की जान गई है. वहीं, दिल्ली नगर निगम ने कई कोचिंग के बेसमेंट सील कर दिए हैं और कार्रवाई की जा रही है.

वायरल कविता में क्या है?

इस वायरल कविता में लिखा गया है, 'ओझा तो भई बोझा है, ज्ञान झाड़ के सोता है. विकास ने खुद बस विकास किया, माफिया ने कोचिंग व्यापार किया. हमको एथिक्स पढ़ाएंगे, खुद दो नंबर का खाएंगे. और जो जो मास्टर मौन है, पहचान करो वो कौन है.' यह पर्चा 'प्रोटेस्ट बाय फ्यूचर ब्यूरोक्रैट्स' के नाम से वायरल हो रहा है और इस पर जमकर प्रतिक्रिया भी आ र ही है. छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं.

ओल्ड राजेंद्र नगर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब मुखर्जी नगर पहुंच गया है. सोमवार रात को छात्रों ने उस इलाके में भी प्रदर्शन किया जहां विकास दिव्यकीर्ति और कुछ अन्य टीचर्स रहते हैं. इतना ही नहीं, विकास दिव्यकीर्ति की दृष्टि कोचिंग का भी घेराव किया गया. बता दें कि दृष्टि कोचिंग के बेसमेंट को भी सील किया गया है. सोमवार को हजारों की संख्या में सड़क पर उतरे छात्रों ने नेहरू नगर इलाके में मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की. 

अब तक क्या हुआ?

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में दिल्ली एमसीडी से भी जवाब मांगा है. कहा जा रहा है कि नालों की सफाई न होने के चलते जलभराव हुआ जिसके चलते स्टूडेंट्स कोचिंग के बेसमेंट में फंस गए. प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे स्टूडेंट्स की शिकायत है कि उनकी बात न तो सुनी जा रही है और न ही उस पर कार्रवाई की जा रही है. ओल्ड राजेंद्र नगर में प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स से मिलने के लिए सोमवार को दिल्ली के एलजी वी के सक्सेना भी पहुंचे थे और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था.