menu-icon
India Daily

फर्जी साधु बनकर मांग रहे थे भीख,नहीं बता पाए भगवान शिव की पत्नी का नाम, भीड़ ने बुरी तरह पीटा

मध्य प्रदेश के भिंड का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें कुछ लोग दो साधुओं को बुरी तरह पिटते नजर आ रहे हैं. इस मामले में साधुओं को फर्जी साधु बताया गया है.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
फर्जी साधु बनकर मांग रहे थे भीख,नहीं बता पाए भगवान शिव की पत्नी का नाम, भीड़ ने बुरी तरह पीटा
Courtesy: AI Grok

भोपाल: मध्य प्रदेश के भिंड से अपराध का मामला सामने आया है, जिसमें दो साधुओं की बेरहमी से पिटाई की गई है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग भगवे रंग के कपड़े पहले दो साधुओं को बेरहमी से पिटते नजर आ रहे हैं. 

इस मामले को लेकर पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है. उन्हें किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है. हालांकि यह घटना भिंड के बाइपास रोड के आसपास की बताई जा रही है. मिल रही जानकारी के मुताबिक साधु भिक्षा मांग रहे थे, तभी उन्हें भीड़ पिटने लगी.

एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए साधु

साधुओं के साथ मारपीट तब शुरू हुआ जब कुछ लोगों ने दोनों साधुओं को घेर कर उनसे धर्म से जुड़े सवाल करने लगे. हालांकि साधु इन सवालों का जवाब नहीं दे पाए, लोगों ने जब साधु से महाभारत के पात्रों के बारे में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद रामायण की चौपाई पूछे जाने पर भी चुप्पी साधे रहें.

उनकी इस चुप्पी से भीड़ का गुस्सा बढ़ने लगा. लोगों ने उन दोनों पर नकली साधु बनने का आरोप लगाना शुरू कर दिया. लोगों का कहना था कि वह केवल भगवें रंग का कपड़ा पहन कर साधु बनने का नाटक कर रहे हैं. वह हिंदू धर्म के नहीं बल्कि किसी और धर्म के हैं. वहां जुटी भीड़ का गुस्सा और शक तब और भी ज्यादा बढ़ जब साधु ने भगवान शंकर की पत्नी का भी नाम नहीं बता पाएं. इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उनके झोले की तलाशी लेनी शुरू कर दी. 

झोले में ग्रंथों के बजाए ऊर्दू दस्तावेज

वहां मौजूद कुछ लोगों ने दावा किया कि उन दोनों के झोले में ग्रंथ के बजाए ऊर्दू में लिखे दस्तावेज थे. जिसके बाद वहां जुटी भीड़ अपना आपा खो गई और साधुओं को मराने लगी. इस दौरान दोनों साधु काफी डरे हुए नजर आ रहे थे. हालांकि पुलिस तक इस बारे में कोई भी सूचना नहीं पहुंची, इसलिए किसी पर भी कोई शिकायत दर्ज नहीं किया गया है.

जिले की पुलिस ने कहा कि जो भी तथ्य मिलेगा उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी. इस तरह का मामला कोई पहला नहीं है इससे पहले और भी कई मामलों में भीड़ ने धर्म के नाम पर बुजुर्गों की पिटाई की है. जिसमें एक ट्रेन में मटन ले जाने वाला मामला काफी चर्चा में रहा था.