नई दिल्ली: आज के समय में वर्क लाइफ बैलेंस को लेकर बहस लगातार तेज होती जा रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कर्मचारी की कहानी वायरल हो गई है. इस कर्मचारी ने दावा किया है कि उसकी सगाई और शादी से ठीक पहले बॉस ने उसे एक बेहद मुश्किल प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए मजबूर कर दिया था. कर्मचारी का कहना है कि उसने 2 महीने पहले ही अपने मैनेजर को शादी की प्लानिंग के बारे में बता दिया था. इसके बावजूद प्रोजेक्ट टीम ने उसकी निजी जिंदगी को नजरअंदाज किया और उसे नया प्रोजेक्ट हैंडओवर किया.
यह मामला सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म रेडिट पर सामने आया है. कर्मचारी ने कंपनी का नाम बताए बिना अपनी आपबीती साझा की. पोस्ट के मुताबिक ऑफिस में हर काम को बिना किसी साफ योजना के हाई प्रायोरिटी बता दिया जाता है. कई मैनेजर निर्देश तो देते हैं लेकिन जिम्मेदारी लेने से बचते हैं. कर्मचारी का आरोप है कि माइक्रो मैनेजमेंट रोज की बात बन चुकी है.
कर्मचारी ने लिखा कि वह एक ऐसे प्रोजेक्ट में फंसा हुआ है जहां हर काम को जरूरी बताया जाता है. पूरे दिन जूम कॉल चलते रहते हैं. हर घंटे अपडेट मांगा जाता है और कर्मचारियों पर भरोसा नहीं किया जाता. कर्मचारी के अनुसार टीम में कई मैनेजर हैं लेकिन काम सही तरीके से आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता.
पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि कंपनी ने हाल ही में जियो फेंसिंग लागू की है. इसके तहत कर्मचारी बेस लोकेशन से 120 किलोमीटर से ज्यादा दूर रहकर काम नहीं कर सकते. कर्मचारी का कहना है कि उसके लीड्स ऑनसाइट और ऑफसाइट दोनों जगह बेअसर हैं और सिर्फ मैनेजमेंट को खुश रखने में लगे रहते हैं.
कर्मचारी ने बताया कि उसने 2 महीने पहले ही मैनेजरों को अपनी सगाई और शादी की तारीख के बारे में जानकारी दे दी थी. इसके बावजूद किसी तरह की प्लानिंग नहीं की गई. अब उससे उम्मीद की जा रही है कि वह वीकेंड में भी काम करे. कर्मचारी के अनुसार एक सीनियर मैनेजर ने यहां तक कह दिया कि शादी कोई इमरजेंसी नहीं है. इस पूरे दबाव के बीच कर्मचारी ने यह भी खुलासा किया कि मार्च महीने में उसे इस प्रोजेक्ट से हटाया जाना तय है. ऐसे में न तो वह शादी टाल सकता है और न ही नौकरी को लेकर पूरी तरह निश्चिंत है. कर्मचारी ने लिखा कि उसे समझ नहीं आ रहा कि इस हालात से कैसे निपटे.
इस पोस्ट को हजारों लोगों ने देखा और इस पर सैकड़ों कमेंट भी सामने आए. एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि जब हर चीज प्रायोरिटी होती है तो असल में कोई भी चीज प्रायोरिटी नहीं होती. दूसरे यूजर ने सलाह दी कि अगर सेविंग्स हैं तो कुछ समय बिना नौकरी के भी मैनेज किया जा सकता है क्योंकि बाद में पछतावा किसी न किसी बात का जरूर होगा.