नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर का अमेरिका दौरा खास माना जा रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई एक अहम अंतरराष्ट्रीय बैठक में शामिल होने के लिए जयशंकर वॉशिंगटन जा रहे हैं. यह यात्रा ऐसे वक्त में हो रही है, जब टैरिफ और व्यापार को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज है. ऐसे में यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 2 से 4 फरवरी के बीच अमेरिका में रहेंगे. इस दौरान वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मेजबानी में आयोजित ‘क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्टीरियल’ में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसके अलावा जयशंकर की अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग बैठकों की भी संभावना है, जिनमें भारत-अमेरिका सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत हो सकती है.
यह बैठक वॉशिंगटन डीसी में आयोजित की जा रही है, जिसमें दुनिया के कई साझेदार देश भाग ले रहे हैं. इसका मुख्य उद्देश्य अहम खनिजों की वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित और मजबूत बनाना है. बैठक में स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव, रणनीतिक संसाधनों की उपलब्धता और दीर्घकालिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. अमेरिका इस मंच के जरिए भरोसेमंद देशों के साथ साझेदारी बढ़ाना चाहता है.
इस मिनिस्टीरियल में लिथियम, कोबाल्ट और निकल जैसे महत्वपूर्ण खनिजों पर खास जोर रहेगा. ये खनिज इलेक्ट्रिक वाहनों, रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम और आधुनिक रक्षा तकनीकों के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं. भारत के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि वह स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
External Affairs Minister Dr. S. Jaishankar will visit the United States from 2-4 February 2026 to participate in the Critical Minerals Ministerial convened by U.S. Secretary of State Marco Rubio. The Ministerial will focus on supply chain resilience, clean energy transitions,… pic.twitter.com/GYALVyfcsS
— ANI (@ANI) February 2, 2026
जयशंकर यह दौरा ऐसे समय में कर रहे हैं, जब अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को लेकर टैरिफ और व्यापार पर कड़े बयान दे चुके हैं. माना जा रहा है कि इन बैठकों के दौरान ट्रेड डील से जुड़े मुद्दे भी अनौपचारिक रूप से उठ सकते हैं. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का अवसर देगी.