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IIT इंजीनियर, UPSC फेल, शराब की लत...मगर असफलताओं ने नहीं मानी हार, आज हर महीने ऐसे कमाते हैं लाखों

आईआईटी मद्रास के एक पूर्व छात्र ने 10 लाख का जॉब ऑफर ठुकराकर 12 साल यूपीएससी की तैयारी की. लगातार असफलताओं के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अब ऑनलाइन ट्रेडिंग में एक सफल करियर बनाया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
IIT इंजीनियर, UPSC फेल, शराब की लत...मगर असफलताओं ने नहीं मानी हार, आज हर महीने ऐसे कमाते हैं लाखों
Courtesy: ai generated

आईआईटी मद्रास के एक छात्र की प्रेरणादायक कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है. एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने इस छात्र के जीवन के लंबे सफर, उसकी असफलताओं, संघर्षों और आखिरकार मिली कामयाबी की कहानी इंटरनेट पर शेयर की है. इस शख्स ने साल 2012 में आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया था. पढ़ाई पूरी होते ही उन्हें कैंपस प्लेसमेंट में 10 लाख रुपये सालाना का जॉब ऑफर मिला लेकिन उन्होंने नौकरी ठुकरा दी क्योंकि उनका सपना यूपीएससी पास कर सिविल सर्वेंट बनने का था.

सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शेयर की पोस्ट

सॉफ्टवेयर इंजीनियर विकास ऑलवेज द्वारा शेयर की गई पोस्ट के अनुसार आईआईटी पासआउट यह युवा तैयारी के लिए दिल्ली आ गया. पहले प्रयास में वे प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर पाया. इसके बाद वो हैदराबाद लौट आया और दूसरे प्रयास के लिए दोगुनी मेहनत की. इस बार उन्होंने प्रीलिम्स तो पास कर लिया लेकिन मेन्स परीक्षा में रह गए.

लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. इस मुश्किल दौर में उन्होंने बैडमिंटन में अपनी किस्मत आजमाई और जिला व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया. वे खेल में अच्छे थे लेकिन खेल के भीतर की राजनीति और गलत तौर-तरीकों से उनका मन टूट गया. हद तो तब हो गई जब कुछ लोगों ने उन्हें जानबूझकर मैच हारने के लिए पैसों का ऑफर दिया. इस कड़वे अनुभव से परेशान होकर उन्होंने बैडमिंटन भी छोड़ दिया.

पर्सनल लाइफ में आए उतार चड़ाव

इसी बीच उनकी पर्सनल लाइफ में आए उतार-चढ़ाव ने भी उनकी पढ़ाई को प्रभावित किया. तैयारी के दौरान उन्हें प्यार हुआ जिससे उनका पढ़ाई से ध्यान भटक गया. बाद में ब्रेकअप होने के कारण वे मानसिक रूप से टूट गए और उनका आत्मविश्वास डगमगा गया. इस मुश्किल दौर में वे शराब और सिगरेट की लत के शिकार भी हो गए.

यूपीएससी की तैयारी और अलग-अलग रास्तों पर भटकते हुए उनके 12 साल बीत गए. 35 साल की उम्र में उनके पास न कोई नौकरी थी और न ही भविष्य का कोई ठिकाना. लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय ऑनलाइन ट्रेडिंग सीखने का फैसला किया और धीरे-धीरे डे-ट्रेडिंग में अपना करियर बना लिया.

हर महीने कमाते हैं 2 लाख रुपये

आज वे शेयर मार्केट से हर महीने करीब 2 लाख रुपये कमा रहे हैं और एक सेबी एडवाइजर के रूप में भी काम कर रहे हैं. इस पोस्ट में यह भी बताया गया कि हाल ही में उनकी शादी हुई है जिससे उनके जीवन में एक नई और पॉजिटिव शुरुआत हुई है. उनकी इस कहानी ने इंटरनेट पर लाखों लोगों को प्रेरित किया है. लोगों का कहना है कि जिंदगी हमेशा एक सीधी लकीर पर नहीं चलती और सालों के संघर्ष के बाद भी कामयाबी मिल सकती है.