भारत से हर साल हजारों लोग काम के लिए अमेरिका जाते हैं. जहां उन्हें नस्लवाद का सामना करना पड़ता है. इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में एक अमेरिकी व्यक्ति ने भारतीय जोड़े के साथ नस्लवादी दुर्व्यवहार करता नजर आ रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है और अमेरिकी व्यक्ति पर जमकर हमला बोला है. साथ ही डोनाल्ड ट्रंप के चीन और भारत पर दिए हेलहोल जैसे बयान की चर्चा तेज हो गई है. इस वीडियो ने एक बार फिर से विदेशों में रहने वाले प्रवासियों के अनुभवों पर चर्चा तेज कर दी है.
वायरल हो रहे वीडियो में कार में बैठा एक अजनबी व्यक्ति अचानक सड़क पर खड़े भारतीय जोड़े से पूछता है कि क्या भारत, अमेरिका से बेहतर है? जिस पर भारतीय व्यक्ति बहुत ही शालीनता के साथ कहता है कि दोनों जगहों पर अच्छी और बुरी दोनों चीजें हैं. भारतीय व्यक्ति ने बताया कि उनका परिवार भारत में रहता है तो कार में बैठे व्यक्ति ने पूछा कि अगर भारत इतना अच्छा है तो वे अमेरिका में क्या कर रहे हैं. इसके बाद भी उस इंडियन कपल ने शांति से कहा कि दुनिया घूमने आए हैं. जिस पर अमेरिकी व्यक्ति आक्रामक हो जाता है और कहता है कि नहीं, हमें तुम लोग यहां नहीं चाहिए. तुम्हें अपने घर वापस जाना होगा. मेरे देश से दफा हो जाओ. हालांकि इसके बाद वह अपमानजनक टिप्पणी भी करता है लेकिन भारतीय कपल पूरी बातचीत के दौरान शांत रहते हैं.
I encountered some incredible H-1B indians, and I had to let them know something! pic.twitter.com/Qi8FyfcjzF
— tone (@AyTone4th) May 20, 2026
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई लोगों ने इस खराब परिस्थिति में भी स्थिति को शांति से संभालने के लिए इंडियन कपल की तारीफ की है. एक सोशल मीडिया यूजर ने जोड़े की गरिमा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमलावर के उग्र व्यवहार का जवाब उसी तरह से नहीं दिया.
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी बताया कि प्रवासी और पर्यटक सरकार द्वारा जारी वीजा के जरिए कानूनी तौर पर ही किसी भी देश में प्रवेश करते हैं. इसके बाद भी इस ढंग से किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाकर गाली-गलौज करना सही नहीं है. यह बात समझ से परे है. इस वीडियो को कई यूजर्स ने अमेरिकी विदेश मंत्री को भी टैग किया है. अभी कुछ दिनों पहले भारत दौरे पर आए मार्को रुबियो ने नस्लवाद की समस्या पर बात की थी.