नई दिल्ली: आज के समय में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो यह साबित करती हैं कि लोगों के दिलों में अभी भी प्यार, सम्मान और सेवा-भाव जिंदा है. उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में ऐसी ही एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बहू ने अपनी बुजुर्ग सास की सालों पुरानी इच्छा पूरी करने के लिए एक ऐसा काम किया. जिसकी चर्चा अब दूर-दूर तक हो रही है.
84-कोस परिक्रमा के दौरान देखा गया यह नजारा, कई लोगों के दिलों को छू गया है. बहू ने अपनी बुजुर्ग सास को जिन्हें चलने में दिक्कत होती थी. एक टब में बिठाया, उसे अपने सिर पर उठाया और तीर्थ यात्रा के रास्ते पर चलना शुरू कर दिया. यह अनोखा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस बहू की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
Unique service was witnessed during the Braj 84 Kos Parikrama.
— Dharm (@dhram00) June 1, 2026
-A daughter-in-law carried her mother-in-law on her head for the pilgrimage.
-Such love, respect, and dedication are rarely seen in today's times. Radhe Radhe! pic.twitter.com/NXOYsHZlJM
ब्रज क्षेत्र की 84 कोस परिक्रमा का धार्मिक महत्व बहुत ज्यादा माना जाता है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस तीर्थ यात्रा में शामिल होते हैं और भगवान कृष्ण से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन करते हैं. इसी तीर्थ यात्रा के दौरान एक ऐसा नजारा सामने आया जिसने लोगों को बेहद भावुक कर दिया.
ब्रज क्षेत्र में एक बहू को अपनी बुजुर्ग सास को जो एक टब में बैठी थीं. अपने सिर पर उठाकर परिक्रमा करते हुए देखा गया. आस-पास मौजूद अन्य श्रद्धालु इस नजारे को देखकर हैरान रह गए. बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला की लंबे समय से 84-कोस परिक्रमा पूरी करने की इच्छा थी लेकिन अपनी ज्यादा उम्र और शारीरिक कमजोरी के कारण, उनके लिए इतनी लंबी दूरी पैदल तय करना नामुमकिन था.
सास अक्सर अपने परिवार वालों से अपनी यह इच्छा जाहिर करती थीं. यह सुनकर उनकी बहू ने ठान लिया कि वह किसी भी तरह अपनी सास की इच्छा जरूर पूरी करेगी. जिसके वजह से उसने अपनी सास को जो एक टब में बैठी थीं. उठाकर ले जाने का फैसला किया ताकि वे अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर सकें.
वीडियो में बहू को तीर्थयात्रा के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए देखा जा सकता है. वह अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प के साथ अपनी सास को अपने सिर पर उठाकर ले जा रही है. रास्ते में खड़े लोग इस दृश्य को देखकर रुक गए और ऐसा लग रहा था कि वे उसके साहस और सेवा-भाव दोनों की तारीफ कर रहे हैं.
कई लोगों ने टिप्पणी की कि आज के जमाने में ऐसा दृश्य बहुत कम ही देखने को मिलता है. बहू अपनी सास की इच्छा पूरी करने के लिए पूरी तरह समर्पित रही. उसके चेहरे पर न तो कोई शिकायत थी और न ही कोई थकान.