नई नौकरी की शुरुआत हर कर्मचारी के लिए उम्मीदों से भरी होती है. लेकिन एक कर्मचारी के साथ ऐसा हुआ, जिसने पहले ही दिन उसकी सारी खुशियां छीन लीं. तय समय पर दफ्तर पहुंचकर काम शुरू करने के बावजूद उसे कुछ ही घंटों बाद वापस घर लौटना पड़ा. जॉइनिंग डेट को लेकर कंपनी के अंदर हुई गलतफहमी ने उसकी नई नौकरी शुरू होने से पहले ही खत्म कर दी. अब यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
इस अजीबो गरीब मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कर्मचारी ने बताया कि अपनी नई नौकरी पर वह तय समय से पहले ही अपनी शिफ्ट के लिए पहुंच गया था. उसे फूड प्रोडक्ट बेचने का काम सौंपा गया था. लेकिन जैसे ही वह पहुंचा उसका ट्रेनर उसे देख हैरान कर गया.
शुरुआत में उसने सामान्य तरीके से काम शुरू किया. हालांकि उसे ट्रेनर का हैरान होना थोड़ा अजीब लगा, लेकिन उसने इसे नई जगह का माहौल समझकर नजरअंदाज कर दिया.
करीब दो घंटे बाद ट्रेनर ने अपने सीनियर अधिकारी से फोन पर बात की. बातचीत खत्म होने के बाद उसने कर्मचारी को बताया कि कंपनी के रिकॉर्ड में उसकी जॉइनिंग डेट अलग दर्ज है. मैनेजर का कहना था कि तय तारीख पर उसके नहीं आने के कारण उसकी जगह किसी और को हायर कर लिया गया है.
इतना सुनते ही कर्मचारी के होश उड़ गए. उसका कहना है कि उसने पहले ही कंपनी के साथ जॉइनिंग डेट पर बातचीत की थी. उसके अनुसार मैनेजर ने तारीख लिखी थी और बाद में उसे दोबारा भी कंफर्म किया था. इसके बावजूद बिना किसी गलती के उसे वापस भेज दिया गया. इस घटना से वह काफी निराश और परेशान हो गया.
घटना सामने आने के बाद कई लोगों ने कर्मचारी का समर्थन किया. कुछ लोगों ने सलाह दी कि नौकरी से जुड़े सभी ईमेल, मैसेज और ऑफर लेटर हमेशा संभालकर रखें. कई यूजर्स का मानना था कि अगर इंप्लॉई तय समय पर पहुंचा था, तो उसे काम किए गए समय की कीमत मिलनी चाहिए.
इस घटना ने कंपनियों में स्पष्ट संवाद की जरूरत पर नई बहस छेड़ दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि जॉइनिंग से जुड़ी हर जानकारी लिखित रूप में साझा की जानी चाहिए. इससे भविष्य में किसी तरह की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सकता है. फिलहाल कर्मचारी नई नौकरी की तलाश में जुट गया है.