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छुट्टी न मिलने पर कर्मचारी ने WhatsApp पर दिया इस्तीफा, बॉस संग चैट का स्क्रीनशॉट वायरल

व्हाट्सएप पर वायरल हुई एक चैट में कर्मचारी ने एंग्जायटी के कारण छुट्टी मांगी, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने पर उसने उसी चैट में इस्तीफा दे दिया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
छुट्टी न मिलने पर कर्मचारी ने WhatsApp पर दिया इस्तीफा, बॉस संग चैट का स्क्रीनशॉट वायरल
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कर्मचारी और उसके बॉस के बीच हुई व्हाट्सएप चैट तेजी से वायरल हो रही है. इस बातचीत में कर्मचारी ने मानसिक तनाव और एंग्जायटी का हवाला देते हुए एक दिन की छुट्टी मांगी थी, लेकिन छुट्टी मंजूर नहीं होने के बाद उसने उसी चैट में नौकरी से इस्तीफा दे दिया. इस घटना ने कार्यस्थल पर मानसिक स्वास्थ्य और कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

वायरल पोस्ट को लिंक्डइन पर ब्रांडिंग एक्सपर्ट अभिषेक अग्रवाल ने साझा किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि नई पीढ़ी यानी जेन जी पारंपरिक ऑफिस संस्कृति को चुनौती दे रही है और मानसिक स्वास्थ्य को पहले से कहीं अधिक महत्व दे रही है. पोस्ट के साथ साझा किए गए स्क्रीनशॉट में कर्मचारी और उसके बॉस के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है.

चैट में और क्या हुई बात?

चैट के अनुसार कर्मचारी ने अपने बॉस को संदेश भेजकर कहा कि वह एंग्जायटी महसूस कर रहा है और इसी वजह से आज काम पर नहीं आ पाएगा. कर्मचारी ने उम्मीद जताई कि उसकी स्थिति को समझते हुए उसे छुट्टी मिल जाएगी.

हालांकि बॉस का जवाब कर्मचारी की उम्मीद के विपरीत था. स्क्रीनशॉट के मुताबिक बॉस ने कहा कि इस तरह एंग्जायटी का हवाला देकर छुट्टी लेना पेशेवर रवैया नहीं माना जा सकता. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और मामला गंभीर हो गया.

बॉस ने क्या कहा?

जब कर्मचारी ने नौकरी छोड़ने का फैसला बताया तो बॉस ने कथित तौर पर कहा कि इसका असर उसके अनुभव पत्र पर पड़ सकता है. इसके बावजूद कर्मचारी अपने फैसले पर कायम रहा और उसने स्पष्ट कर दिया कि वह ऐसे माहौल में काम जारी नहीं रख सकता, जहां कर्मचारियों की भावनाओं को महत्व न दिया जाए.

कर्मचारी ने चैट में और क्या लिखा?

कर्मचारी ने चैट में यह भी लिखा कि उसे लगता है कि उसने अपनी मानसिक स्थिति के बारे में सच बताकर गलती की. उसने कहा कि यह उसका आखिरी कार्य दिवस होगा और वह आगे इस कंपनी में काम नहीं करेगा. कर्मचारी का कहना था कि वह ऐसे कार्यस्थल का हिस्सा नहीं बनना चाहता, जहां टीम के सदस्यों को दबाव या धमकी का सामना करना पड़े.