AI की बढ़ती दुनिया में करियर बदलने की कई कहानियां सामने आ रही हैं. इसी कड़ी में Google के पूर्व कर्मचारी यूसुफ इमरान का फैसला चर्चा में है. शानदार सैलरी और सुरक्षित नौकरी छोड़कर उन्होंने अपना AI स्टार्टअप शुरू किया. उनका कहना है कि नई तकनीक के दौर में खुद कुछ बनाने का सपना नौकरी से बड़ा साबित हुआ.
यूसुफ इमरान करीब 15 साल तक सेल्स सेक्टर में काम करने के बाद वर्ष 2020 में Google से जुड़े थे. कंपनी में वह ग्राहकों को AI और मशीन लर्निंग से जुड़े समाधान अपनाने में मदद करते थे. उनकी बेस सैलरी करीब 1.70 लाख डॉलर थी लेकिन कमीशन की वजह से उनकी सालाना कुल आय लगभग 9.86 लाख डॉलर तक पहुंच गई. इसके बावजूद उन्होंने महसूस किया कि AI इंडस्ट्री में तेजी से हो रहे बदलाव के बीच केवल नौकरी करना उनके लिए काफी नहीं है. उनका कहना है कि OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव ने उन्हें नई दिशा में सोचने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने इसे AI बूम को लेकर महसूस हुआ 'FOMO' यानी कुछ बड़ा छूट जाने का डर बताया.
यूसुफ इमरान ने बताया कि नौकरी के साथ-साथ वह रात और छुट्टियों में ChatGPT, Claude और Gemini जैसे AI टूल्स पर लगातार काम करते रहे. इसी दौरान उन्होंने कई छोटे प्रोजेक्ट और एप्लिकेशन तैयार किए. वहीं उनकी पृष्ठभूमि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नहीं थी. अप्रैल में उन्होंने Google छोड़कर Mangosteen Studio नाम से अपना AI प्रोडक्ट लैब शुरू किया. यह कंपनी अकाउंट एग्जीक्यूटिव्स के लिए AI आधारित सेल्स टूल्स तैयार कर रही है. उन्होंने पहले से दो साल तक कारोबार चलाने के लिए करीब 2 लाख डॉलर और निजी खर्चों के लिए 1.5 लाख डॉलर की बचत भी कर ली थी.
यूसुफ इमरान का कहना है कि Google छोड़ने का फैसला भावनाओं में नहीं बल्कि पूरी तैयारी के साथ लिया गया. हाल के वर्षों में Google में हुई छंटनी ने भी उन्हें भविष्य को लेकर सोचने पर मजबूर किया. उनका मानना है कि केवल नौकरी की सुरक्षा पर निर्भर रहने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी फील्ड की गहरी समझ सबसे बड़ी ताकत होती है. उनके अनुसार AI का यह दौर उन लोगों के लिए बड़ा अवसर है जो अपनी विशेषज्ञता के आधार पर नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं.