नई दिल्ली: मोबाइल फोन का ज्यादा इस्तेमाल करने से बैटरी जल्दी खर्च होती है, ये तो हम सभी जानते हैं. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बैटरी 25% दिखा रही थी और कुछ ही मिनटों में अचानक 5% पर पहुंच जाती है. इससे लोग परेशान हो जाते हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. यह समस्या आजकल बहुत से स्मार्टफोन यूजर्स के साथ हो रही है.
यह समस्या सिर्फ पुराने फोन में नहीं, बल्कि सैमसंग, शाओमी, पिक्सल, वनप्लस और ओप्पो जैसे नए फोन में भी आम है. ज्यादातर मामलों में यह कोई वायरस या सॉफ्टवेयर खराबी नहीं होती. यह लीथियम-आयन बैटरी की सामान्य तकनीकी वजह होती है. चलिए जानते हैं क्या है इसके पीछे का गणित…
फोन में दिखने वाला बैटरी परसेंटेज किसी पेट्रोल टैंक की तरह सीधा मेजर नहीं किया जाता. इसका केवल अनुमान लगाया जाता है. फोन बैटरी की वोल्टेज, करंट, तापमान और पिछले इस्तेमाल के आधार पर इसका अनुमान लगाया जाता है. लीथियम-आयन बैटरी एक जैसी स्पीड से खाली नहीं होती, खासकर जब बैटरी पुरानी हो जाती है. इसलिए फोन का सिस्टम लगातार अपना अनुमान बदलता रहता है. इसी वजह से परसेंटेज कभी-कभी अचानक गिर जाती है.
जब आप भारी ऐप चलाते हैं जैसे गेम, कैमरा या GPS नेविगेशन, तो फोन ज्यादा बिजली खींचता है. इससे बैटरी की वोल्टेज तेजी से गिरती है. फोन इसे कम बैटरी समझकर परसेंटेज को नीचे दिखा देता है. जैसे ही आप ऐप बंद करते हैं, लोड कम होता है और वोल्टेज वापस ऊपर आ जाती है. फिर फोन अपना अनुमान बदल लेता है. यही वजह है कि 25% से 5% जैसी अचानक गिरावट दिखती है.
बैटरी की उम्र बढ़ने पर यह समस्या ज्यादा होती है. 500 से ज्यादा चार्जिंग साइकल के बाद बैटरी अपनी पुरानी क्षमता का सिर्फ 80% ही बचा पाती है. कम चार्ज लेवल पर वोल्टेज स्थिर नहीं रहती, इसलिए फोन परसेंटेज गलत दिखा सकता है.
अगर आप फोन को 40% से 80% के बीच ही चार्ज करते हैं और कभी पूरा डिस्चार्ज नहीं होने देते, तो फोन का फ्यूल गेज भटक जाता है. बैकग्राउंड ऐप्स, सिस्टम अपडेट और पुराना सॉफ्टवेयर भी बैटरी रीडिंग को गड़बड़ कर सकते हैं.
समय-समय पर फोन की बैटरी हेल्थ चेक करते रहें (iPhone में Settings > Battery, Android में Device Maintenance).
महीने में एक बार फोन को 0% तक डिस्चार्ज करके पूरा चार्ज करें (कैलिब्रेशन).
अनावश्यक ऐप्स बंद रखें.
पावर सेविंग मोड का इस्तेमाल करें.
फोन को ज्यादा गर्म या ठंडे में इस्तेमाल न करें.
अगर समस्या बनी रहती है तो सर्विस सेंटर में बैटरी चेक करवाएं. ज्यादातर मामलों में ये छोटे उपाय समस्या को ठीक कर देते हैं.