नई दिल्ली: स्कैम तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. हाल ही में एक और नया मामला सामने आया है, जिसमें एक 78 वर्षीय महिला से 25 लाख रुपये ठग लिए गए. उससे कहा गया कि उसका नाम बिजली कनेक्शन में अपडेट करना है, जिसके लिए 13 रुपये कटेंगे. इसी झांसे में लेकर महिला का फोन वर्चुअली हाईजैक किया और फिर उसके अकाउंट से 25 लाख रुपये तक लूट लिए गए.
डिजिटल स्कैम इतने ज्यादा बढ़ चुके हैं कि लोगों का अब इनसे सुरक्षित रहना बेहद ही जरूरी हो गया है. लोगों को यह समझना होगा कि वीडियो कॉल, WhatsApp या Skype के जरिए कानूनी कार्रवाई की धमकी देने वाले किसी भी कॉल पर भरोसा करना सही नहीं है. इस तरह के कॉल को तुरंत काट देना चाहिए. कानून लागू करने वाली एजेंसियां कभी भी पैसे, बैंक डिटेल्स या डिजिटल पूछताछ की मांग नहीं करतीं.
सबसे पहले तो आपको घबराना नहीं है. स्कैमर डर का ही फायदा उठाते हैं. लोगों को डराकर जल्दबाजी में काम कराने का यह तरीका काफी आम हो गया है. आपको बस इस तरीके में नहीं फंसना है.
अगर आपको इस तरह की कोई कॉल आती है तो उसे तुरंत काट दें. अगर कोई कॉलर वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस या CBI या कस्टम्स का अधिकारी बताता है, तो आपको उस कॉल को तुरंत काट देना चाहिए.
किसी भी कॉल पर गलती से भी अपनी कोई सेंसिटिव जानकारी शेयर न करें. आपको कभी भी आधार, PAN, बैंक डिटेल्स या OTP किसी के भी साथ शेयर नहीं करना है.
इस तरह के कॉल को कंफर्म करने के लिए आपको पुलिस स्टेशन या सरकारी एजेंसी से सीधे उनके आधिकारिक, पब्लिक कॉन्टैक्ट नंबर पर बात करनी चाहिए, जिससे यह कंफर्म हो पाए कि कॉल वहां से आया था या नहीं.
आधिकारिक एजेंसियां Skype या WhatsApp पर जांच या गिरफ्तारी का प्रोसेस नहीं करती हैं, जो ज्यादातर डिजिटल अरेस्ट जैसे स्कैम में किया जाता है.
अगर आप इस तरह के स्कैम के शिकार हो गए हैं, तो आपको तुरंत रिपोर्ट करनी होगी. नेशनल साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें. इसके अलावा आप cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इसके साथ ही अगर आपने अपनी बैंक डिटेल्स शेयर की हैं, तो अकाउंट को फ्रीज करवाने के लिए तुरंत अपने बैंक से संपर्क करें.