सीबीएसई कक्षा 12वीं के रिजल्ट आज घोषित कर दिए गए हैं. हालांकि सीबीएसई टॉपर स्टूडेंट की लिस्ट को जारी नहीं करता है. लेकिन किस जिले ने कितना अच्छा प्रदर्शन किया है इसकी जानकारी जरुर देता. बोर्ड ने जिलेवार प्रदर्शन के आंकड़े जारी किए हैं. जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सीबीएसई की कक्षा 12वीं का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20% रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.19% कम है. कुल 18,57,517 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 17,68,968 छात्र उत्तीर्ण हुए हैं.
2020 से, सीबीएसई ने अपनी परीक्षाओं में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सूची जारी करना बंद कर दिया है. छात्रों के बीच अनुचित प्रतिस्पर्धा को कम करने के उद्देश्य से यह नियम लागू किया गया है. हालांकि, सीबीएसई से संबद्ध विद्यालय उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सूची व्यक्तिगत रूप से जारी करते हैं.
इस वर्ष सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा में कुल 94,028 छात्रों ने 90% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जो सफल उम्मीदवारों का 5.32% है. वहीं, 17,113 छात्रों ने 95% से अधिक अंक प्राप्त किए, जो कुल उत्तीर्ण छात्रों का 0.97% है. बोर्ड ने अभी तक शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों की आधिकारिक मेरिट सूची जारी नहीं की है. हालांकि, स्कूल उचित समय पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सूची जारी करेंगे.
जिलों में, त्रिवेंद्रम 95.62% के प्रभावशाली कुल उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा. नीचे जिलेवार प्रदर्शन डिटेल करें चेक;
1. त्रिवेंद्रम – 95.62%
2. चेन्नई – 93.84%
3. बेंगलुरु – 93.19%
4. विजयवाड़ा – 92.77%
5. दिल्ली पश्चिम – 92.34%
6. दिल्ली पूर्व – 91.73%
7. अहमदाबाद – 90.60%
8. गुरुग्राम – 88.45%
9. लुधियाना – 87.92%
10. पुणे – 87.32%
11. अजमेर – 86.78%
12. पंचकुला – 85.73%
13. रांची – 85.01%
14. गुवाहाटी – 83.41%
15. लखनऊ – 82.21%
16. भुवनेश्वर – 81.71%
17. देहरादून – 81.42%
18. रायपुर – 80.88%
19. भोपाल – 79.43%
20. नोएडा – 79.02%
21. पटना – 74.45%
22. प्रयागराज – 72.43%
लिंगवार परिणामों में, लड़कियों ने लड़कों से 6.73 प्रतिशत अंकों के अंतर से बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखा. 2026 में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 91.64% से कम है, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 2025 के 85.70% की तुलना में 82.13% रहा. वहीं, ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों ने लगातार दूसरे वर्ष 100% उत्तीर्ण दर हासिल की.