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India Daily

अश्लील कंटेंट दिखाने पर 'डिजिटल स्ट्राइक', सरकार ने 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगाया परमानेंट बैन

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियमों के उल्लंघन और अश्लीलता फैलाने के आरोप में 5 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया है. 

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
अश्लील कंटेंट दिखाने पर 'डिजिटल स्ट्राइक', सरकार ने 5 OTT प्लेटफॉर्म्स पर लगाया परमानेंट बैन
Courtesy: X

नई दिल्ली: OTT की दुनिया में पैर पसार रही अश्लीलता और आपत्तिजनक सामग्री पर केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने डिजिटल स्पेस में बढ़ती गंदगी पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए पांच प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह ब्लॉक करने का आदेश दिया है. सरकार का स्पष्ट तर्क है कि ये प्लेटफॉर्म न केवल अश्लील सामग्री परोस रहे थे, बल्कि देश के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों और कानूनों की धज्जियां भी उड़ा रहे थे. इस कदम को ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और नैतिक मानकों के सख्त पालन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है.

प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकायतें मिलीं

सरकार ने मंगलवार को इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, लंबे समय से इन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं कि ये सार्वजनिक शालीनता के दायरे से बाहर जाकर अश्लील कंटेंट स्ट्रीम कर रहे थे. तय प्रक्रिया का पालन करते हुए मंत्रालय ने इन पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया. मंत्रालय का मानना है कि डिजिटल माध्यमों की स्वतंत्रता का अर्थ यह कतई नहीं है कि वहां किसी भी प्रकार की अनैतिक या गैर-कानूनी सामग्री का प्रदर्शन किया जाए.

इन 5 प्लेटफॉर्म्स पर गिरी गाज

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की पहुंच को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें MoodXVIP, Koyal Playpro, Digi Movieplex, Feel और Jugnu शामिल हैं. सरकार ने सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे इन पांचों प्लेटफॉर्म्स की पहुंच और संचालन को तुरंत बंद करें. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की भी वही सामाजिक और कानूनी जिम्मेदारी है, जो प्रिंट या टेलीविजन जैसे अन्य मीडिया माध्यमों की होती है.

कानूनी शिकंजा

यह पूरी कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियम 2021 और देश में अश्लीलता से जुड़े कानूनों के तहत की गई है. सरकार ने आईटी एक्ट 2000 की धारा 69A के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग किया है. यह विशेष धारा सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिक मानकों के उल्लंघन के आधार पर किसी भी ऑनलाइन कंटेंट या वेबसाइट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अन्य प्लेटफॉर्म भी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी.