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त्योहारों में ऑनलाइन स्कैम का खतरा! ये 5 गलतियां कीं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

Festive Season Cyber Fraud: डिजिटल एक्टिविटी बढ़ने के साथ साइबर स्कैमर भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं. स्कैमर्स यूजर्स को सेल के लिए कई तरह से झांसा देते हैं. ऐसे में फेस्टिव सीजन के दौरान ऑनलाइन लेन-देन करते समय कुछ सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी है.

Shilpa Shrivastava
त्योहारों में ऑनलाइन स्कैम का खतरा! ये 5 गलतियां कीं तो खाली हो सकता है बैंक अकाउंट
Courtesy: ChatGPT AI

Festive Season Cyber Fraud: फेस्टिव सीजन शुरू होने जा रहा है. त्योहारों के आते ही ऑनलाइन खरीदारी भी शुरू हो जाती है. लोग ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल भी ज्यादा होने लगता है. ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कई तरह के ऑफर्स दिए जाते हैं, जिसमें यूपीआई पेमेंट ऑफर्स, कैशबैक ऑफर्स आदि. इसी दौरान मोबाइल पर डिलीवरी, रिफंड, पेमेंट और बैंकिंग से जुड़े कई तरह के मैसेज भी आने लगते हैं.

डिजिटल एक्टिविटी बढ़ने के साथ साइबर स्कैमर भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं. स्कैमर्स यूजर्स को सेल के लिए कई तरह से झांसा देते हैं. ऐसे में फेस्टिव सीजन के दौरान ऑनलाइन लेन-देन करते समय कुछ सावधानियां बरतनी बेहद जरूरी है. 

1. किसी भी ऑफर वाले लिंक को खोलने से पहले जांच करें:

मोबाइल पर ऐसे मैसेज आना आम है, जिनमें भारी डिस्काउंट, खास कैशबैक या सीमित समय में रिवॉर्ड मिलने की बात कही जाती है. इस तरह के मैसेज से जितना दूर रहेंगे, उतना सही रहेगा. WhatsApp, SMS, ईमेल या सोशल मीडिया से आए किसी भी लिंक को खोलने से पहले उसका URL ध्यान से देखें. वेबसाइट के नाम में छोटी-सी स्पेलिंग गलती, अजीब लिंक या निजी जानकारी मांगने वाला पेज खतरे का संकेत हो सकता है.

2. UPI ट्रांजैक्शन करते समय जल्दबाजी से बचें:

यूपीआई का इस्तेमाल करते समय थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है. डिजिटल पेमेंट को निशाना बनाने वाले फ्रॉड भी सामने आ सकते हैं. कोई स्कैमर आपको रिफंड या कैशबैक दिलाने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन करने के लिए कह सकता है. इस तरह की पेमेंट रिक्वेस्ट एक्सेप्ट न करें. ध्यान रखें कि पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन डालने की जरूरत नहीं होती है. 

3. फर्जी कस्टमर केयर के झांसे में न आएं:

ऑनलाइन ऑर्डर ज्यादा होने के कारण पार्सल और डिलीवरी से जुड़े मैसेज भी बढ़ जाते हैं. साइबर स्कैमर इसी स्थिति का फायदा उठाते हैं. आपको फोन या मैसेज के जरिए बताया जा सकता है कि आपका पैकेज डिलीवरी में फंस गया है, पेमेंट पूरा नहीं हुआ है या रिफंड लेने के लिए कुछ जानकारी देनी होगी. इसके बाद आपको किसी लिंक पर जाने या निजी जानकारी साझा करने के लिए कहा जा सकता है. ऐसे मामलों में OTP, कार्ड डिटेल, पासवर्ड या बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें. कस्टमर केयर से संपर्क करना हो तो नंबर कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें.

4. फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान जरूर जांचें:

हर साइबर फ्रॉड लिंक के जरिए ही नहीं होता. कई बार स्कैमर खुद को बैंक कर्मचारी, डिलीवरी एजेंट या किसी कंपनी का एग्जीक्यूटिव बताकर फोन भी कर सकते हैं. वे आपको यह कहकर डराने की कोशिश कर सकते हैं कि तुरंत कार्रवाई नहीं करने पर बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा, पेमेंट कैंसिल हो जाएगा या कोई ऑफर हाथ से निकल जाएगा. ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय बातचीत रोक दें और संबंधित बैंक या कंपनी से आधिकारिक माध्यम से संपर्क करें. OTP, UPI PIN, ATM या कार्ड PIN और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें.

5. अपने स्मार्टफोन की सुरक्षा को नजरअंदाज न करें:

त्योहारों के दौरान फोन से शॉपिंग, पेमेंट, टिकट बुकिंग और दूसरी डिजिटल गतिविधियां बढ़ जाती हैं. इसलिए स्मार्टफोन को सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है. फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और इंस्टॉल किए गए ऐप्स समय पर अपडेट करें. ऐप्स केवल भरोसेमंद और आधिकारिक स्टोर से ही डाउनलोड करें. इसके अलावा फोन में मौजूद ऐप्स की परमिशन समय-समय पर जांचते रहें.