नई दिल्ली: जरा सोचिए कि अगर आपके पास किसी ऐसे जान-पहचान वाले व्यक्ति का फोन आता है. फोन उठाते ही आप उसकी आवाज भी पहचान जाते हैं. कॉल पर वो व्यक्ति काफी परेशान और घबराया लगता है और उसे पैसों की जरूरत भी होती है. वो आपसे पैसे मांगता है, तो आपका पहला रिएक्शन क्या होगा? इस स्थिति में कई बार लोग बिना सोचे-समझे पैसा भेज देते हैं. हालांकि, बाद में पता चलता है कि जो व्यक्ति आपको कॉल कर रहा था, वो असल में साइबर क्रिमिनल था.
अब आपको लगेगा कि जब आवाज और व्यक्ति दोनों पहचाना हुआ था, तो आपके साथ स्कैम हुआ कैसे. आपको यह समझने की जरूरत है कि यह AI के दौर है, जिसमें इस तरह का Voice Cloning Scam तेजी से अपने पैर पसार रहा है. साइबर क्रिमिनल लोगों को ठगने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ले रहे हैं. स्कैमर अब किसी व्यक्ति की आवाज की नकल तैयार कर सकते हैं. साथ ही उसी आवाज में उसके परिवार या दोस्तों को फोन करके पैसे मांग सकते हैं. चलिए जानते हैं कि नकली आवाज आखिर तैयार की जाती है.
साइबर क्रिमिनल्स को किसी व्यक्ति की आवाज का सैंपल चाहिए होता है. इसके लिए सोशल मीडिया पर लोग जो वीडियो, रील्स, शॉर्ट या किसी भी तरह के ऑडियो क्लिप डालते हैं, उसका इस्तेमाल किया जा सकता है. AI आधारित टूल इन ऑडियो सैंपल से व्यक्ति की आवाज और बोलने के अंदाज को समझकर उसकी कॉपी तैयार कर सकते हैं. इसके बाद इस नकली आवाज को फोन कॉल या वॉइस नोट में इस्तेमाल किया जा सकता है.
आपको एक बात का ख्याल हमेशा रखना होगा कि आपको कभी भी फोन पर सिर्फ आवाज सुनकर भरोसा नहीं करना है. जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर न करें.
आप अपने परिवार के साथ एक सीक्रेट कोडवर्ड तय कर सकते हैं. अगर अचानकर ऐसी पैसों की मांग सामने आ जाती है तो पहले उस व्यक्ति से कोडवर्ड पूछें.
आपको कॉल को डिस्कनेक्ट कर, उस व्यक्ति को उसके नंबर पर दोबारा कॉल करना होगा. अगर उस समय नंबर उपलब्ध नहीं है तो परिवार के किसी दूसरे सदस्य से कॉन्टैक्ट करें और पूरी जानकारी लें.
आपको सोशल मीडिया से सावधान रहना होगा. आपको यह ख्याल रखना होगा कि आप अपनी आवाज वाले वीडियो पोस्ट करना पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं है. लेकिन बिना जरूरत लंबे और साफ वॉइस सैंपल्स को पब्लिक करने से ब चना चाहिए. खासकर ऐसे वीडियो पर ध्यान दें, जिनमें आपकी आवाज लंबे समय तक साफ रिकॉर्ड हुई हो. सोशल मीडिया पर उपलब्ध ज्यादा जानकारी साइबर क्रिमिनल्स के लिए आपकी पहचान की नकल करना आसान बना सकती है.
अगर आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं तो समय बर्बाद किए बिना इसकी शिकायत करें. भारत में साइबर क्राइम की शिकायत cybercrime.gov.in पर की जा सकती है. वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करना भी बेहद जरूरी है.
संदिग्ध मोबाइल नंबर, मैसेज या साइबर फ्रॉड से जुड़ी जानकारी के लिए संचार साथी के उपलब्ध रिपोर्टिंग विकल्पों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
आवाज पहचान में आने का मतलब यह नहीं कि फोन करने वाला व्यक्ति असली ही है. AI की मदद से आवाज की नकल संभव है. इसलिए किसी भी इमरजेंसी कॉल पर पैसे भेजने से पहले कम से कम एक बार अपनी तरफ से पुष्टि जरूर करें.