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CES 2024: Infinix बदलेगा चार्जिंग करने का तरीका, हवा में चार्ज होंगी डिवाइसेज!

Infinix इलेक्ट्रॉनिक्स शो 2024 (CES) के दौरान दो नई चार्जिंग टेक्नोलॉजी पेश करने जा रही है. इनमें क्या खास हो सकता है और इनके जरिए कैसे डिवाइस चार्ज किया जाएगा, चलिए जानते हैं. 

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Shilpa Srivastava
CES 2024

हाइलाइट्स

  • इलेक्ट्रॉनिक्स शो 2024 (CES) में होगा कुछ खास
  • Infinix पेश करेगी दो नई चार्जिंग टेक्नोलॉजी

CES 2024: इलेक्ट्रॉनिक्स शो 2024 (CES) 9 जनवरी से शुरू होगा. इस दौरान Infinix कंपनी दो नई टेक्नोलॉजी लॉन्च कर सकती हैं. एयरचार्ज और एक्सट्रीम-टेम्प बैटरी को पेश किया जा सकता है. इन दोनों टेक्नोलॉजी के साथ डिवाइसेज को चार्ज करने का तरीका पूरी तरह से बदल सकता है. 

Infinix लॉन्च करेगी चार्जिंग की नई तकनीक:
Infinix की एयरचार्ज तकनीक एक नई वायरलेस चार्जिंग से लैस होगी जो यूजर्स को बिना केबल डिवाइस चार्ज करने की अनुमति देगी. सिर्फ यही नहीं, इसके लिए चार्जिंग पैड की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. इस तकनीक के जरिए हवा में ही डिवाइस चार्ज होगी. यह कम फ्रीक्वेंसी पर काम करता है और 20 सेंटीमीटर तक की दूरी और 60 डिग्री तक के एंग्यूलर डाइवेयसन पर वायरलेस चार्जिंग को इनेबल करता है. 

एक्सट्रीम-टेम्प बैटरी की बात करें तो इसके लिए इलेक्ट्रोड पर बायोमिमेटिक इलेक्ट्रोलाइट और फ्यूजन सॉलिड-स्टेट टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है. इसमें दावा किया गया है कि यह 40 डिग्री सेल्सियस से कम टैम्प्रेचर पर भी अच्छी परफॉर्मेंस दे सकता है. 

कंपनी ने घोषणा कर बताया है कि Infinix अपनी नई एयरचार्ज और एक्सट्रीम-टेम्प बैटरी टेक्नोलॉजीज को लॉन्च करेगा.यह मल्टी-कॉइल मैग्नेटिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है.इसके लिए दावा किया गया है कि इससे डिवाइस को चार्ज करने के लिए केबल और चार्जिंग पैड की जरूरत नहीं पड़ेगी.ऐसे में गेम खेलते समय या फिर वीडियो देखते समय यूजर्स को डिवाइस चार्ज करने में कोई परेशानी नहीं होगी.

एयरचार्ज तकनीक 0 से 20 सेंटीमीटर की दूरी पर चार्ज करने की अनुमति देती है और कहा जाता है कि यह तब भी काम करती है जब ट्रांसमिट कॉइल और रिसीविंग कॉइल 60 डिग्री तक के एंगल पर झुके हुए हों.यह 7.5W तक चार्जिंग पावर प्रदान करता है. 

इसके अलावा, एक्सट्रीम-टेम्प बैटरी तकनीक के जरिए ज्यादा ठंड और गर्म परिस्थितियों में लिथियम-आयन जमने की समस्या का समाधान करना है. कंपनी का कहना है कि उसने इलेक्ट्रोड पर बायोमिमेटिक इलेक्ट्रोलाइट और फ्यूजन सॉलिड-स्टेट तकनीक को शामिल किया है और इससे बैटरी 40 डिग्री सेल्सियस से कम टैम्प्रेचर पर भी अच्छा परफॉर्मेंस कर सकेगी.