नई दिल्ली: किसी फोन का या कंपनी का नाम सुनकर कभी आपने ये सोचा है कि उसका नाम रखने के पीछे क्या वजह होगी? चलिए किसी भी फोन का क्यों, iPhone की ही बात करते हैं, इस फोन में i का क्या मतलब है ये आपने कभी सोचा है? अगर नहीं सोचा है, तो चलिए यहां जानते हैं कि iPhone में Phone क्यों है ये तो समझ आता है लेकिन i क्यों लगाया है?
दुनिया भर में iPhone को लेकर जबरदस्त क्रेज है. नया मॉडल लॉन्च होते ही कई लोग इसे खरीदने के लिए घंटों तक एप्पल स्टोर के बाहर लाइन लगा लेते हैं. आईफोन तो खरीद लिया, अब ये भी जान लीजिए i का मतलब क्या है. कई लोगों को लगता है कि iPhone में ‘i’ का मतलब सिर्फ Internet है. जबकि ऐसा नहीं है.
i की कहानी Internet से कहीं ज्यादा दिलचस्प है. Apple के प्रोडक्ट्स के नाम में ‘i’ का इस्तेमाल एक खास सोच और ब्रांडिंग से जुड़ा हुआ है. खास बात यह है कि iPhone आने से कई साल पहले ही Apple ने अपने एक दूसरे प्रोडक्ट के नाम में इस अक्षर का इस्तेमाल शुरू कर दिया था.
Apple ने पहली बार ‘i’ का इस्तेमाल 1998 में iMac के साथ किया था. यह वो समय था जब कंपनी मुश्किल दौर से गुजर रहा था. इस समय स्टीव जॉब कंपनी में वापस लौट चुके थे. जब iMac को लॉन्च किया गया था उस समय स्टीव जॉब्स ने बताया था कि इसके नाम में मौजूद छोटा ‘i’ केवल एक अक्षर नहीं है. इसके पीछे कई अलग-अलग विचार जुड़े हुए हैं. यहीं से Apple के कई प्रोडक्ट्स के नाम के साथ ‘i’ जोड़ने की शुरुआत हुई.
iMac के लॉन्च के दौरान स्टीव जॉब्स ने ‘i’ के कई मतलब बताए थे. इनमें सबसे पहले आता था Internet. उस समय इंटरनेट आज की तरह हर जगह आसानी से उपलब्ध नहीं था. iMac को इस तरह बनाया गया था कि आम लोग इंटरनेट को आसानी से इस्तेमाल कर पाएं. लेकिन ‘i’ का मतलब सिर्फ Internet नहीं था. स्टीव जॉब्स ने इसके साथ Individual, Instruct, Inform और Inspire जैसे विचार भी जोड़े थे.
Individual- हर व्यक्ति की अपनी जरूरत और पहचान
Instruct- सीखने और सिखाने
Inform- लोगों तक जानकारी पहुंचाना
Inspire- लोगों को कुछ नया करने और अपनी क्रिएटिविटी दिखाने के लिए प्रेरित करना
iMac के लॉन्च होने के बाद से ही ‘i’ Apple की पहचान का हिस्सा बनता गया. साल 2001 में iPod लॉन्च किया गया, जिसने लोगों के बीच Apple की लोकप्रियता को और बढ़ाया. इसके बाद 9 जनवरी 2007 को स्टीव जॉब्स ने दुनिया के सामने पहला iPhone पेश किया. इसे केवल एक फोन के तौर पर ही नहीं बल्कि एक ऐसे डिवाइस के तौर पर पेश किया, जिसमें फोन, टचस्क्रीन iPod और इंटरनेट कम्युनिकेशन की खूबियां एक साथ मौजूद थीं. इसके बाद से ही एप्पल ने अपने प्रोडक्ट्स के नाम के आगे इस ब्रांडिंग को लगाना शुरू कर दिया.
अब सवाल उठता है कि अगर ‘i’ Apple की इतनी बड़ी पहचान थी तो कंपनी के हर नए प्रोडक्ट के नाम में यह अक्षर क्यों नहीं है? इसकी एक बड़ी वजह यह भी हो सकती है कि टेक्नोलॉजी और इंटरनेट की दुनिया काफी बदल चुकी है. आज इंटरनेट किसी खास डिवाइस की अलग पहचान नहीं रह गया है. यह हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है.
इसीलिए Apple के कई नए प्रोडक्ट्स के नाम में ‘i’ नहीं है. Apple Watch, Apple TV और Apple Vision Pro इसके उदाहरण हैं. फिर भी iPhone, iPad और iMac जैसे नामों में मौजूद ‘i’ Apple के पुराने दौर, उसकी ब्रांडिंग और स्टीव जॉब्स की सोच की याद दिलाता है.