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उत्तराखंड में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, रिवर राफ्टिंग के नियम हुए सख्त; अब छोटी लापरवाही पर भी लगेगा भारी जुर्माना

उत्तराखंड सरकार ने रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग के लिए नए सुरक्षा नियम लागू किए हैं. बिना लाइसेंस संचालन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना और राफ्ट जब्त करने का प्रावधान किया गया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
उत्तराखंड में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला, रिवर राफ्टिंग के नियम हुए सख्त; अब छोटी लापरवाही पर भी लगेगा भारी जुर्माना
Courtesy: Pinterest (Representative image)

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य में रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग जैसी साहसिक गतिविधियों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है. कैबिनेट ने उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग क्याकिंग नियमावली में संशोधन के पर्यटन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

नए नियमों का उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है. सरकार ने यह फैसला पिछले वर्षों में रिवर राफ्टिंग के दौरान हुई दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है. संशोधित नियमों में सुरक्षा मानकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप लागू करने पर विशेष जोर दिया गया है.

क्या है नई व्यवस्था?

नई व्यवस्था के अनुसार बिना लाइसेंस रिवर राफ्टिंग या क्याकिंग कराने वाले संचालकों की राफ्ट जब्त की जाएगी. इसके साथ ही उन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा. वहीं लाइसेंस का समय पर नवीनीकरण नहीं कराने पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड देना होगा. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी ऑपरेटर अपना लाइसेंस किसी अन्य व्यक्ति को उपयोग के लिए नहीं दे सकेगा.

क्या है नियमावली?

नियमावली के अनुसार किसी भी स्थिति में केवल एक राफ्ट या केवल एक क्याक का संचालन नहीं किया जा सकेगा. प्रत्येक राफ्टिंग ट्रिप में संबंधित फर्म की कम से कम दो राफ्ट या एक राफ्ट के साथ एक सेफ्टी क्याक का होना अनिवार्य होगा. इसका उद्देश्य आपात स्थिति में तुरंत बचाव कार्य सुनिश्चित करना है.

पर्यटकों की सुरक्षा के लिए क्या बनाया गया नियम?

पर्यटकों की सुरक्षा के लिए हेलमेट और लाइफ जैकेट पहनना पूरी तरह अनिवार्य कर दिया गया है. यदि किसी पर्यटक को बिना सुरक्षा उपकरणों के राफ्टिंग कराई जाती है, तो प्रति प्रतिभागी पांच हजार रुपये का जुर्माना लाइसेंसधारक से वसूला जाएगा. ओवरलोडिंग की स्थिति में भी यही जुर्माना लागू होगा. खराब सुरक्षा उपकरणों के उपयोग या गाइड के पास वैध परिचय पत्र नहीं होने पर भी पांच पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा.

सरकार ने रिवर गाइड और सेफ्टी क्याकर की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी है. हालांकि 50 वर्ष से अधिक आयु वाले गाइड और सेफ्टी क्याकर को स्वास्थ्य उपयुक्तता प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा.

संशोधित नियमों के तहत रिवर राफ्टिंग और क्याकिंग का लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन वर्ष का अनुभव आवश्यक होगा. साथ ही लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 90 दिन से घटाकर 45 दिन कर दी गई है. सरकार का मानना है कि इन बदलावों से राज्य में एडवेंचर पर्यटन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय बनेगा.