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'उत्तराखंड में बढ़ाएं CSR निवेश', CM धामी का कॉरपोरेट जगत से आह्वान; कई कंपनियों से हुए समझौते

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग जगत से उत्तराखंड में सीएसआर फंड के अधिक उपयोग की अपील की. कई प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू हुए. सरकार ने निवेश, पारदर्शिता और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की बात कही.

KanhaiyaaZee
'उत्तराखंड में बढ़ाएं CSR निवेश', CM धामी का कॉरपोरेट जगत से आह्वान; कई कंपनियों से हुए समझौते
Courtesy: Social Media

देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के समग्र विकास में कॉरपोरेट क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 'उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग' कार्यक्रम में उद्योग जगत से सीएसआर फंड का अधिकतम उपयोग राज्य में करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास का लाभ पहुंचाना है. इस दौरान कई बड़ी कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण समझौते भी हुए.

राज्य के विकास में साझेदारी का आह्वान

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सीएसआर के तहत किया गया हर योगदान विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कॉरपोरेट समूहों से आग्रह किया कि वे अपने सामाजिक दायित्व को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं.

कई बड़ी कंपनियों के साथ हुए समझौते

कार्यक्रम के दौरान हुंडई, लर्नेट-इन्फोसिस फाउंडेशन, ओएनजीसी, आईटीसी, महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड, आदित्य बिरला कैपिटल, फिनोलेक्स और पैनासोनिक समेत कई प्रमुख कंपनियों के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इन परियोजनाओं के जरिए कौशल विकास, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास और सड़क सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा.

पर्वतीय राज्य की जरूरतें हैं अलग

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं. यहां विकास का मतलब केवल सड़क और भवन बनाना नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक प्रगति के बीच संतुलन बनाए रखना भी है. उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रबंधन और कॉरपोरेट अनुभव राज्य के विकास को नई दिशा दे सकते हैं.

निवेश के बेहतर माहौल का दावा

धामी ने बताया कि वर्ष 2023 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे. इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रस्ताव अब धरातल पर उतर चुके हैं. उन्होंने कहा कि निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम सहित 30 से अधिक उद्योग हितैषी नीतियां लागू की गई हैं.

पारदर्शिता और सुशासन पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है. इसी के तहत 200 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है. उनका कहना था कि पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है. सरकार भविष्य में भी उद्योगों और समाज के सहयोग से विकास की गति तेज करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी.