उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) की कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है. इनमें 300 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड, कानपुर से अयोध्या तक 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर, 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विकास जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं.
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने इन परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की थी. मुख्यमंत्री की सहमति के बाद अब इनका काम शुरू होने वाला है. सबसे बड़ी परियोजना 187 किलोमीटर लंबे नमो भारत हाई स्पीड कॉरिडोर की है. इसकी लागत करीब 32 हजार करोड़ रुपये है. यह कानपुर के नयागंज से अयोध्या तक जाएगा. इसे दो चरणों में बनाया जाएगा.
पहले चरण में नयागंज से अमौसी तक 67 किलोमीटर लंबा हिस्सा बनेगा. पूरे कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें नयागंज, उन्नाव, अमौसी, अयोध्या आदि शामिल हैं. इससे कानपुर, लखनऊ और अयोध्या के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा.
आउटर रिंग रोड: 300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को भी मंजूरी मिल गई है. पहले चरण में 105 किलोमीटर सड़क 2,100 करोड़ रुपये में बनेगी. दूसरे चरण में 195 किलोमीटर के लिए 3,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे. यह सड़क लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ेगी.
रिंग रेल: 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना के पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन बनेगी.
बछरावां (रायबरेली) को स्पेशल इनवेस्टमेंट रीजन और संडीला (हरदोई) को विस्तारित औद्योगिक क्षेत्र बनाया जाएगा. बछरावां में ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स आदि उद्योगों के लिए 26 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. संडीला में भी फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल आदि क्षेत्रों के लिए 11,250 करोड़ रुपये का निवेश होगा.
इनमें लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास, नवाबगंज बर्ड सैंक्चुरी का पर्यटन विकास, नैमिषारण्य को आध्यात्मिक-आर्थिक केंद्र बनाना, उन्नाव और गोसाईंगंज में नए ट्रांसपोर्ट नगर और सीतापुर में मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल शामिल है. एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से एससीआर क्षेत्र में परिवहन, उद्योग, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. पूरा क्षेत्र प्रदेश की आर्थिक प्रगति का नया केंद्र बनेगा.