उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व जनसंख्या दिवस पर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया. उन्होंने कहा कि संतुलित जनसंख्या, संसाधनों का सही प्रबंधन और जागरूक नागरिकों की भागीदारी मिलकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव तैयार करती है.
विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम धामी ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ानी चाहिए. जनसंख्या वृद्धि के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों को समझना बहुत जरूरी है.
उन्होंने सभी से अपील की कि हम सब मिलकर इस समस्या पर ध्यान दें. संतुलित जनसंख्या रखने से संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा. पानी, भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना आसान होगा.
संतुलित जनसंख्या, संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन और जागरूक नागरिक सहभागिता ही भावी पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 11, 2026
विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आइए, हम सभी बढ़ती जनसंख्या से जुड़ी चुनौतियों तथा उसके सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों के… pic.twitter.com/5w14Yk4hnV
सीएम ने कहा कि अगर जनसंख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ती रही तो संसाधन कम पड़ जाएंगे. इससे प्रदूषण बढ़ेगा, जंगल कम होंगे, और भविष्य की पीढ़ियां परेशानी में पड़ सकती हैं. उन्होंने जागरूक नागरिकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को छोटे परिवार की खुशियों को समझना चाहिए. शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता से ही हम एक बेहतर भविष्य बना सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भी जनसंख्या नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है. लेकिन असली सफलता तब मिलेगी जब आम लोग भी इसमें सक्रिय भाग लेंगे. विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर पुष्कर सिंह धामी का यह संदेश सभी के लिए प्रेरणादायक है. संतुलित जनसंख्या न सिर्फ देश के विकास के लिए जरूरी है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण है.