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Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई सड़कें बंद; यात्रा से पहले जानें अपडेट

उत्तराखंड के सात जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. कई स्थानों पर भूस्खलन से सड़कें बंद हैं और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात ठप है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई सड़कें बंद; यात्रा से पहले जानें अपडेट
Courtesy: Pinterest (Representative image)

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के सात जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा हरिद्वार में भी तेज बारिश हो सकती है.

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार कई क्षेत्रों में गरज चमक के साथ तेज बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है. विशेष रूप से पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और जलभराव जैसी स्थितियां बनने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. आपदा प्रबंधन की टीमों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

कैसी है वहां की स्थिति?

लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. देहरादून जिले में फिलहाल 11 सड़कें बंद हैं. इनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग, एक राज्य मार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग और आठ ग्रामीण सड़कें शामिल हैं. चकराता और कालसी क्षेत्र में भी कई मार्ग बाधित होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

चार धाम यात्रा मार्ग में कैसी है स्थिति?

बारिश और भूस्खलन से चार धाम यात्रा मार्ग भी प्रभावित हुए हैं. कई स्थानों पर मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया है, लेकिन कुछ इलाकों में अब भी सड़कें बंद हैं. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित मार्गों को जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है.

उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव स्यानाचट्टी में यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. नदी का पानी आसपास के होटल, होमस्टे और आवासीय भवनों के भूतल तक पहुंचने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है. वहीं भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया है, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद है.

पिथौरागढ़ जिले की कैसी है स्थिति?

पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला तवाघाट लिपुलेख मार्ग भी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध है. लगातार बारिश से नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है.

मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी और नालों के किनारे न जाने तथा प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है. विशेष रूप से चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है.