जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में नौ साल की छात्रा अमायरा की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है. हाल ही में सामने आए CCTV फुटेज के बाद बच्ची के माता-पिता ने दावा किया है कि फुटेज उसके अंतिम समय की घटनाओं को क्रमवार दिखाता है. उनका कहना है कि बच्ची ने अपनी टीचर से कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन उसकी परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया गया. अमायरा के माता-पिता का कहना है कि उनके मन में केवल सवाल थे. मामले की जांच जारी है और परिवार अब भी जवाब मिलने का इंतजार कर रहा है.
अमायरा के माता-पिता का कहना है कि फुटेज में उनकी बेटी पहले सामान्य दिखाई देती है, लेकिन कुछ ही समय बाद उसका बिहेवियर पूरी तरह बदल जाता है. उनके अनुसार वह परेशान नजर आती है और कई बार अपनी शिक्षिका के पास जाकर कुछ बताने का प्रयास करती है. परिवार का मानना है कि इन घटनाओं की गहराई से जांच होनी चाहिए.
परिजनों का आरोप है कि अमायरा ने करीब 25 मिनट के अंदर कई बार अपनी क्लास टीचर से बात की. उनका कहना है कि बच्ची लगातार मदद मांग रही थी. बच्ची के पैरेंट्स ने आगे बताया कि, 'वह अपने दोनों हाथ अपने सिर पर रख रही थी और अपने कानों को हाथों से ढक रही थी. फिर आखिरकार रात 11:55 बजे वह अपनी टीचर के पास गई.'
हालांकि परिवार के अनुसार उन्हें जो जानकारी टीचर्स से मिली, उसमें कहा गया कि अमायरा ने केवल सहपाठियों द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की थी.
परिवार का कहना है कि फुटेज में बच्ची स्कूल में हंसमुख और एनर्जेटिक दिख रही है, लेकिन एक घंटे से भी कम समय में उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। स्कूल ने पहले तो किसी भी तरह की गलती से इनकार किया है, लेकिन मामले की जांच अभी जारी है
अमायरा की मां ने बताया कि इससे पहले भी कुछ छात्रों के व्यवहार को लेकर स्कूल प्रशासन से लिखित शिकायत की गई थी. उनका कहना है कि हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिखा. परिवार का मानना है कि स्कूल को शिकायतों पर और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए थी.
माता-पिता ने गिरने के बाद स्कूल की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि अमायरा दोपहर लगभग 12:28 बजे गिरी थी, लेकिन उन्हें इसकी सूचना दोपहर 1:08 बजे तक मिली, यानी लगभग 40 मिनट बाद दी गई. फोन मिलने के लगभग 10 मिनट के भीतर ही वे अस्पताल पहुंच गए.
उन्होंने आगे कहा कि, 'जब वे पहुंचे तो उनके साथ स्कूल का कोई प्रतिनिधि नहीं था। उन्होंने कहा कि अमायरा की चोटें इतनी गंभीर थीं कि परिवार ने उसे केवल उसके बाएं पैर पर मौजूद तिल से ही पहचाना.'
इस मामले के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था भी चर्चा में है. पिछले वर्ष CBSE की निरीक्षण समिति ने भी छात्रों की सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर कुछ व्यवस्थागत कमियों का उल्लेख किया था. फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है.
अमायरा के माता-पिता का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांग घटना के हर पहलू की निष्पक्ष जांच है. उनका कहना है कि वे जानना चाहते हैं कि उनकी बेटी के साथ उस दिन वास्तव में क्या हुआ और क्या समय रहते हस्तक्षेप संभव था. मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.