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कांवड़ यात्रा में नहीं होगी कोई चूक, यूपी और उत्तराखंड दोनों राज्यों की पुलिस ने बनाई संयुक्त रणनीति

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त बैठक कर सुरक्षा, रूट डायवर्जन और सीमा क्षेत्रों में समन्वय की रणनीति तैयार की.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
कांवड़ यात्रा में नहीं होगी कोई चूक, यूपी और उत्तराखंड दोनों राज्यों की पुलिस ने बनाई संयुक्त रणनीति
Courtesy: Chatgpt

आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड पुलिस ने संयुक्त रणनीति तैयार की है. शुक्रवार को पुलभट्टा बहेड़ी टोल प्लाजा के निकट बहेड़ी की मुडिया पुलिस चौकी में दोनों राज्यों के सीमांत थाना प्रभारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई. बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सीमा क्षेत्रों में समन्वय को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

बैठक की अध्यक्षता सितारगंज के पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धौनी और बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार ने की. अधिकारियों ने कांवड़ यात्रा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष जोर दिया.

बैठक में और क्या हुई चर्चा?

बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई. अधिकारियों ने तय किया कि आवश्यकता पड़ने पर यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा, ताकि कांवड़ियों और आम लोगों को कम से कम परेशानी हो.

कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कांवड़ दल के प्रमुख का मोबाइल नंबर पुलिस के पास उपलब्ध रहेगा. इससे किसी भी आपात स्थिति या समस्या की सूचना तुरंत संबंधित पुलिस टीम तक पहुंच सकेगी और समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी.

दोनों राज्यों की पुलिस ने क्या लिया निर्णय?

दोनों राज्यों की पुलिस ने यह भी निर्णय लिया कि सीमा क्षेत्र में संयुक्त निगरानी बढ़ाई जाएगी. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की पुलिस टीमें सीमा तक लगातार तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या कानून व्यवस्था की समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.

बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों पर भी विशेष चर्चा हुई. अधिकारियों ने बताया कि कई बार अपराधी एक राज्य में वारदात करने के बाद दूसरे राज्य की सीमा में भाग जाते हैं, जिससे उनकी गिरफ्तारी में कठिनाई आती है. इस समस्या से निपटने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस ने सक्रिय अपराधियों की सूची एक दूसरे के साथ साझा की है. इससे अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी और आवश्यक कार्रवाई में तेजी आएगी.

बैठक में कौन-कौन था मौजूद?

बैठक में उत्तराखंड की ओर से किच्छा कोतवाल रवि सैनी, सितारगंज कोतवाल सुंदरम शर्मा और पुलभट्टा थाना प्रभारी प्रदीप मिश्रा मौजूद रहे. वहीं उत्तर प्रदेश की ओर से बहेड़ी कोतवाल दिनेश शर्मा, देवरनिया कोतवाल आशुतोष द्विवेदी और शीशगढ़ कोतवाल राजेश कुमार ने भाग लिया.

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है. उनका कहना है कि दोनों राज्यों का साझा प्रयास यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.