रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक वीडियो साझा कर रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ स्थित श्री अष्ट भैरव मंदिर की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को रेखांकित किया है. उन्होंने श्रद्धालुओं से इस प्राचीन और सिद्ध धाम के दर्शन करने की अपील की है.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि श्री अष्ट भैरव मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी पवित्र स्थान पर भगवान शिव ने अष्टभैरव के दिव्य स्वरूपों को प्रकट किया था. यही कारण है कि यह मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है.
जनपद रुद्रप्रयाग के ऊखीमठ में स्थित श्री अष्ट भैरव मंदिर अत्यंत प्राचीन, सिद्ध एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि इसी पावन स्थल पर भगवान शिव ने अष्टभैरव के दिव्य स्वरूपों को प्रकट किया था।
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 11, 2026
रुद्रप्रयाग आगमन पर इस दिव्य धाम में दर्शन-पूजन कर भगवान अष्टभैरव का आशीर्वाद… pic.twitter.com/wnSWWoAG9Y
उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भगवान अष्टभैरव के दर्शन और पूजा अवश्य करनी चाहिए. उनका कहना है कि इस दिव्य धाम में पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है और यहां स्थित प्राचीन मंदिर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. श्री अष्ट भैरव मंदिर भी इन्हीं महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में शामिल है. यह मंदिर अपनी प्राचीन परंपरा, धार्मिक मान्यताओं और प्राकृतिक वातावरण के कारण विशेष पहचान रखता है.
मुख्यमंत्री धामी समय-समय पर उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देशभर तक पहुंचाने के लिए ऐसे स्थलों की जानकारी साझा करते रहते हैं. उनके इस संदेश का उद्देश्य श्रद्धालुओं को राज्य के कम प्रसिद्ध लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों से भी जोड़ना है.
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्रप्रयाग और आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री ने यात्रियों से आग्रह किया है कि यदि वे रुद्रप्रयाग पहुंचें तो श्री अष्ट भैरव मंदिर में दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें.
मुख्यमंत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मंदिर की चर्चा तेज हो गई है. श्रद्धालु मंदिर की धार्मिक महिमा और प्राकृतिक सुंदरता की सराहना कर रहे हैं. माना जाता है कि यहां श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति करती है.