देहरादून: देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण एक पुल की एप्रोच रोड का हिस्सा धंस गया है. हालांकि संबंधित विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुल पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी मुख्य संरचना को किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है. अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण करने के बाद एप्रोच रोड की मरम्मत और यातायात बहाल करने का कार्य शुरू कर दिया है.
विभाग के अनुसार भारी वर्षा के चलते पुल तक पहुंचने वाली सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है. सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित हिस्से की घेराबंदी कर दी गई है और मरम्मत कार्य तेजी से किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि पुल की संरचनात्मक स्थिति पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ा है.
#WATCH | Uttarakhand: Continuous heavy rainfall since last night has caused a portion of the newly constructed bridge between Prem Nagar and Nanda Ki Chowki on the Dehradun–Paonta Sahib Highway to collapse, disrupting traffic movement. pic.twitter.com/Oq4zNAyjCC
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 28, 2026
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बादल फटना और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण सड़कों और पुलों को समय समय पर नुकसान पहुंचता रहा है. वर्ष 2008 में हल्द्वानी की गौला नदी पर बने आरसीसी बाईपास पुल का एक हिस्सा भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ था. वर्ष 2012 में उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने के बाद कई मोटर और पैदल पुल बह गए थे. इसी वर्ष पौड़ी गढ़वाल के चौरास में निर्माणाधीन पुल ढहने से छह श्रमिकों की मौत हुई थी.
वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा पुल सहित कई पुल बह गए थे. उस आपदा में पूरे राज्य में लगभग 147 पुल और 1300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं. इन घटनाओं को देखते हुए मानसून के दौरान पुलों और सड़कों की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रेमनगर की मौजूदा घटना में पुल नहीं टूटा है, बल्कि केवल एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसा है. इसलिए 'पुल टूट गया' जैसी भ्रामक सूचनाओं से बचना जरूरी है. संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द यातायात सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं.