देहरादून: उत्तराखंड भाजपा युवा मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष मनिका राणा ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही चर्चाओं पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है, बल्कि संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत कुछ महीने पहले उनके पद में बदलाव किया गया था. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी का इस निर्णय से कोई संबंध नहीं है.
मनिका राणा ने कहा कि वह जंतर-मंतर पर आयोजित उस प्रदर्शन में शामिल हुई थीं, जहां नीट पेपर लीक और अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के मुद्दे उठाए जा रहे थे. उनके अनुसार प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना था. उन्होंने कहा कि अब इन मांगों पर सकारात्मक पहल हुई है, जिससे उन्हें संतोष है.
अपने बारे में चल रही खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मनिका राणा ने कहा कि उन्हें भाजपा से नहीं निकाला गया था. उन्होंने बताया कि संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत अप्रैल या मई में उन्हें अपने पद से हटाया गया था. उन्होंने कहा कि इसे पार्टी से निष्कासन के रूप में पेश करना सही नहीं है और इससे भ्रम की स्थिति बनी.
मनिका राणा ने दोहराया कि वह अभी भी भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं. उन्होंने कहा कि उनका पार्टी से जुड़ाव पहले की तरह बना हुआ है और वह संगठन का हिस्सा हैं. उनके मुताबिक पद बदलने और पार्टी की सदस्यता समाप्त होने को एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए.
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी का उनके पद से हटाए जाने से कोई संबंध नहीं है. उनके अनुसार यह फैसला प्रदर्शन से पहले ही लिया जा चुका था. इसलिए दोनों घटनाओं को जोड़कर देखना तथ्यों के अनुरूप नहीं है.
मनिका राणा के बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चल रही कई चर्चाओं पर विराम लगने की संभावना है. उन्होंने कहा कि तथ्यों से अलग खबरों पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि वह आगे भी सार्वजनिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय रखती रहेंगी और पार्टी के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखेंगी.