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‘पू’ से DCP अजूनी कोहली तक, 26 साल के करियर में करीना कपूर ने दिखाए 'बेबो' के नए अंदाज

करीना कपूर खान आज 46 साल की हो गई हैं. साल 2000 में ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड डेब्यू करने वाली करीना ने 26 साल के करियर में ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों से लेकर गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों तक लंबा सफर तय किया. आइए एक्ट्रेस के जन्मदिन पर उनके उन खास किरदारों पर नजर डालते हैं.

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Edited By: Babli Rautela
‘पू’ से DCP अजूनी कोहली तक, 26 साल के करियर में करीना कपूर ने दिखाए 'बेबो' के नए अंदाज
Courtesy: Social Media

बॉलीवुड की बेबो यानी करीना कपूर खान आज 46 साल की हो गई हैं. 21 सितंबर 1980 को जन्मी करीना ने साल 2000 में फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था. इसके बाद करीब 26 साल के करियर में उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए.

करियर की शुरुआत में करीना की पहचान ग्लैमरस और कमर्शियल फिल्मों की हीरोइन के तौर पर बनी. लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी फिल्मोग्राफी में ऐसे किरदार भी जोड़े, जिनमें ग्लैमर से ज्यादा कहानी और अभिनय की चुनौती दिखाई दी. ‘पू’ से लेकर ‘दायरा’ की DCP अजूनी कोहली तक उनका सफर इसी बदलाव को दिखाता है.

पू ने बनाया ग्लैमरस आइकन

‘रिफ्यूजी’ के बाद करीना ने ‘मुझे कुछ कहना है’, ‘अजनबी’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों में काम किया. खास तौर पर ‘कभी खुशी कभी गम’ में पूजा शर्मा यानी पू का किरदार उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन गया. पू का फैशन, बोलने का अंदाज और उसका कॉन्फिडेंस दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ. इसके बाद कुछ समय तक करीना की फिल्मोग्राफी में रोमांटिक और कमर्शियल फिल्मों का दबदबा रहा. ‘मुझसे दोस्ती करोगे!’, ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’, ‘खुशी’ और ‘क्योंकि’ जैसी फिल्मों में उन्होंने मुख्यधारा की हीरोइन के तौर पर काम किया. हालांकि, इसी दौर में करीना ने यह भी दिखाना शुरू कर दिया था कि वह सिर्फ एक ग्लैमरस इमेज तक सीमित नहीं रहना चाहतीं.

‘चमेली’ ने बदली करीना की इमेज

साल 2004 में आई ‘चमेली’ करीना के करियर का एक अहम मोड़ साबित हुई. फिल्म में उन्होंने सेक्स वर्कर का किरदार निभाया था, जो उनकी पिछली फिल्मों की छवि से बिल्कुल अलग था. इसी साल ‘देव’ में उन्होंने गुजरात दंगों की हिंसा से प्रभावित महिला की भूमिका निभाई. इसके बाद विशाल भारद्वाज की ‘ओमकारा’ में डॉली मिश्रा का किरदार निभाया, जो शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ की डेसडेमोना से प्रेरित था.

‘देव’ और ‘ओमकारा’ दोनों फिल्मों के लिए करीना को फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस मिला. इन फिल्मों ने यह साफ किया कि करीना चुनौतीपूर्ण और गंभीर भूमिकाएं भी कर सकती हैं.

‘जब वी मेट’ की गीत ने दिखाई अलग करीना

2007 में आई ‘जब वी मेट’ करीना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल है. इसमें उन्होंने गीत का किरदार निभाया था. गीत चुलबुली, बातूनी और बेहद एनर्जेटिक लड़की थी, लेकिन उसका किरदार सिर्फ ग्लैमर तक सीमित नहीं था. कहानी आगे बढ़ने के साथ गीत के व्यक्तित्व और जिंदगी में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. करीना ने इस किरदार में कॉमेडी, इमोशन और ड्रामा को एक साथ पेश किया.

2012 में दिखे करीना के कई रंग

साल 2012 करीना के करियर का एक ऐसा दौर था, जब उन्होंने अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में बिल्कुल अलग भूमिकाएं निभाईं. ‘एक मैं और एक तू’ में वह हल्के-फुल्के अंदाज में नजर आईं, जबकि ‘हीरोइन’ में उन्होंने माही अरोड़ा का किरदार निभाया. माही एक फिल्म एक्ट्रेस है, जो इंडस्ट्री की चमक-दमक के पीछे अपनी निजी परेशानियों और असुरक्षाओं से जूझती है. इसी साल ‘तलाश’ में करीना ने रोजी का किरदार निभाया, जो फिल्म की मर्डर मिस्ट्री में एक अहम कड़ी था.