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'घुसपैठियों की अब खैर नहीं', उत्तराखंड में मतदाता सूची से कटेंगे लाखों नाम? CM धामी का ऐलान

उत्तराखंड में केंद्रीय निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सोमवार से मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर शुरू हो गया है.

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Edited By: Reepu Kumari
'घुसपैठियों की अब खैर नहीं', उत्तराखंड में मतदाता सूची से कटेंगे लाखों नाम? CM धामी का ऐलान
Courtesy: @ukcmo

उत्तराखंड के कुछ इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव की चर्चा लंबे समय से होती रही है. अब सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद गणना फार्म भरा और मीडिया के सामने दो टूक कह दिया. जो इस राज्य के असली नागरिक नहीं हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहेंगे. यह महज बयानबाजी नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई की शुरुआत है.

11,733 अधिकारी घर-घर दस्तक दे रहे

केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है. इसके तहत प्रदेश भर में तैनात 11,733 बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ मतदाताओं के दरवाजे तक पहुंचकर गणना फार्म भरवा रहे हैं. सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्वयं मुख्यमंत्री धामी को यह फार्म सौंपा, जिसे उन्होंने वहीं भरा.

अपात्र और संदिग्धों के नाम होंगे बाहर

फार्म भरने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि जो लोग अपात्र हैं, जिन्होंने घुसपैठ की है या जो संदिग्ध हालत में राज्य में रह रहे हैं और जिनका यहां से कोई वास्तविक संबंध नहीं है. उन सभी के नाम एसआईआर के जरिये मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी.

मृत लोगों के नाम भी होंगे साफ

मुख्यमंत्री ने एक और अहम बात कही जो आम लोगों को सीधे छूती है. उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम आज भी मतदाता सूची में दर्ज हैं. एसआईआर इन नामों को भी सूची से बाहर करेगा. इस पूरी प्रक्रिया से मतदाता सूचियों का शुद्धीकरण होगा और एक सटीक व विश्वसनीय आंकड़ा सामने आएगा.

कुंभ और कांवड़ यात्रा की तैयारी भी जोरों पर

एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में इस वक्त आस्था और श्रद्धा का अद्भुत माहौल है. चारधाम, आदि कैलास, जागेश्वर, पूर्णागिरि और कैंचीधाम सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े लोगों को सीधा लाभ हो रहा है. साथ ही सरकार कांवड़ यात्रा और अगले साल के हरिद्वार कुंभ की तैयारियों में भी पूरी तरह जुट गई है.