उत्तराखंड के कुछ इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव की चर्चा लंबे समय से होती रही है. अब सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है. सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद गणना फार्म भरा और मीडिया के सामने दो टूक कह दिया. जो इस राज्य के असली नागरिक नहीं हैं, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं रहेंगे. यह महज बयानबाजी नहीं, बल्कि चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई की शुरुआत है.
केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है. इसके तहत प्रदेश भर में तैनात 11,733 बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ मतदाताओं के दरवाजे तक पहुंचकर गणना फार्म भरवा रहे हैं. सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने स्वयं मुख्यमंत्री धामी को यह फार्म सौंपा, जिसे उन्होंने वहीं भरा.
उत्तराखण्ड में विशेष गहन पुनरीक्षण SIR कार्यक्रम के तहत सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी. आर. सी. पुरुषोत्तम ने गणना प्रपत्र सौंपा।#SIR#CEC#Uttarakhand pic.twitter.com/G0DYGDbtwg
— CM Office Uttarakhand (@ukcmo) June 8, 2026
फार्म भरने के बाद मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि जो लोग अपात्र हैं, जिन्होंने घुसपैठ की है या जो संदिग्ध हालत में राज्य में रह रहे हैं और जिनका यहां से कोई वास्तविक संबंध नहीं है. उन सभी के नाम एसआईआर के जरिये मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे. उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रहेगी.
मुख्यमंत्री ने एक और अहम बात कही जो आम लोगों को सीधे छूती है. उन्होंने बताया कि कई ऐसे लोग हैं जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके नाम आज भी मतदाता सूची में दर्ज हैं. एसआईआर इन नामों को भी सूची से बाहर करेगा. इस पूरी प्रक्रिया से मतदाता सूचियों का शुद्धीकरण होगा और एक सटीक व विश्वसनीय आंकड़ा सामने आएगा.
एक अन्य सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश में इस वक्त आस्था और श्रद्धा का अद्भुत माहौल है. चारधाम, आदि कैलास, जागेश्वर, पूर्णागिरि और कैंचीधाम सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े लोगों को सीधा लाभ हो रहा है. साथ ही सरकार कांवड़ यात्रा और अगले साल के हरिद्वार कुंभ की तैयारियों में भी पूरी तरह जुट गई है.