रांची: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, राज्य के करीब 30.30 लाख मतदाताओं ने अब तक अपना इन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं किया है. इनमें मृत मतदाता, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोग, अन्य स्थानों पर पहले से पंजीकृत मतदाता और ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनका पता नहीं चल सका है.
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, उनके नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वर्ष 2026 की मतदाता सूची के अनुसार झारखंड में कुल 2,64,63,236 मतदाता हैं. इनमें से 2,63,97,006 मतदाताओं यानी 99.75 प्रतिशत को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं.
अब तक 2,13,04,623 मतदाताओं के भरे हुए और हस्ताक्षरित फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है. अधिकारियों के अनुसार अब भी 30,30,624 मतदाताओं की ओर से फॉर्म वापस नहीं मिले हैं. इनमें 6,61,656 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है. वहीं 8,06,841 मतदाताओं का पता नहीं चल पाया है या वे अनुपस्थित मिले हैं.
इसके अलावा 12,20,570 मतदाता स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं और 3,20,745 मतदाता पहले से किसी अन्य स्थान की मतदाता सूची में दर्ज हैं. वहीं 20,812 मतदाताओं ने इन्यूमरेशन फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है.
निर्वाचन विभाग के अनुसार इन सभी श्रेणियों को शामिल करने के बाद कुल 2,43,35,247 मतदाताओं से जुड़ी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जो कुल मतदाताओं का लगभग 91.96 प्रतिशत है. विभाग शेष मामलों के सत्यापन और रिकॉर्ड अपडेट करने का काम तेजी से कर रहा है ताकि अंतिम मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनाई जा सके.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि कोडरमा, चाईबासा, मझगांव, जगन्नाथपुर, मनोहरपुर, चक्रधरपुर और कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्रों में इन्यूमरेशन चरण का कार्य शत प्रतिशत पूरा हो गया है. उन्होंने इन क्षेत्रों के मतदाताओं, बूथ लेवल अधिकारियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े सभी अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी.